मुंबई

हिजाब पर पाबंदी की मांग पर क्या करेगी महाराष्ट्र सरकार? नितेश राणे ने दिया जवाब

Nitesh Rane Hijab Latest Statement: महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने हिजाब और बुर्के को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पर प्रतिबंध की मांग उठती है तो महाराष्ट्र सरकार इस पर विचार कर सकती है।
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Sep 02, 2026
Nitesh Rane
हिजाब और बुर्के पर अपनी बात रखते हुए नितेश राणे। (फाइल फोटो-IANS)

Maharashtra Hijab News: महाराष्ट्र में हिजाब और बुर्के को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने इस मुद्दे पर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक बहस को फिर हवा दे दी है। राणे ने कहा कि अगर सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठती है तो महाराष्ट्र की हिंदुत्व विचारधारा वाली सरकार इस पर विचार कर सकती है।

एक इंटरव्यू में राणे ने कहा कि सरकार पहले भी हिंदुत्व से जुड़े कई मुद्दों पर फैसले ले चुकी है। ऐसे में अगर हिजाब को लेकर कोई प्रस्ताव या मांग सामने आती है तो उस पर सकारात्मक तरीके से विचार किया जा सकता है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की विचारधारा से जोड़कर देखा।

कूपर अस्पताल विवाद का भी किया जिक्र

हिजाब और बुर्के पर अपनी बात रखते हुए राणे ने मुंबई के कूपर अस्पताल में बुर्के को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि अस्पताल में सुरक्षा और गलत गतिविधियों को रोकने के लिए उठाए गए कदम को गलत नहीं माना जाना चाहिए।

राणे ने दावा किया कि कुछ मामलों में बुर्के या हिजाब का इस्तेमाल पहचान छिपाने के लिए किया गया है। उन्होंने नकल, कथित फर्जी मतदान और बच्चों के अपहरण जैसी घटनाओं का जिक्र किया। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने किसी खास मामले या सरकारी आंकड़े का उल्लेख नहीं किया।

उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग मुस्लिम बहुल देशों में हिजाब और बुर्के को लेकर अलग-अलग नियम हैं। इसी आधार पर राणे ने सवाल उठाया कि अगर कुछ देशों में इन पर पाबंदी है तो भारत में सार्वजनिक जगहों पर प्रतिबंध की मांग पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती।

हिंदुत्व के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

राणे ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल हिंदुओं से जुड़े मामलों पर उतनी मजबूती से आवाज नहीं उठाते, जितनी हिजाब या मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों पर उठाते हैं।

राणे ने अहिल्यानगर में तिलक लगाने वाले एक हिंदू युवक की कथित हत्या का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उस मामले में विपक्षी नेताओं ने आवाज क्यों नहीं उठाई। उनका कहना था कि खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले दलों को सभी समुदायों से जुड़े मामलों में एक जैसा रुख रखना चाहिए।

अमित ठाकरे पर भी साधा निशाना

मनसे नेता अमित ठाकरे को लेकर भी राणे ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सिर्फ बयान देने से राजनीति में कुछ हासिल नहीं होता। राणे ने हिंदुत्व की राजनीति को लेकर ठाकरे परिवार पर भी निशाना साधा और कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से हटने वाले लोगों को जनता ने स्वीकार नहीं किया।

राणे ने महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में हिंदुत्व के मुद्दे पर लोगों ने सरकार पर भरोसा जताया है। उन्होंने कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र पुलिस किसी भी तरह की चुनौती से निपटने में सक्षम है।

राणे ने यह भी कहा कि मंत्री या विधायक बनने से पहले वह खुद को देशभक्त हिंदू मानते हैं और देश के खिलाफ काम करने वाली ताकतों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उनके इन बयानों के बाद अब हिजाब-बुर्के के मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ने के आसार हैं।

Updated on:
02 Sept 2026 10:58 am
Published on:
02 Sept 2026 10:58 am