मुंबई

उद्धव ठाकरे को सबसे बड़ा झटका! संसदीय दल की बैठक में नहीं पहुंचे 9 में से 6 सांसद, टूट पर लगी मुहर

Shiv Sena Operation Tiger Updates: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में संभावित बगावत की अटकलों के बीच पार्टी द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की अहम बैठक में बागी माने जा रहे छह सांसद शामिल नहीं हुए। इससे ठाकरे गुट में बड़ी फूट की चर्चाओं को और बल मिला है।

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Jun 18, 2026
maharashtra political crisis news
6 बागी सांसदों ने तोड़ा 'व्हिप', उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका (Photo: IANS)

Shiv Sena UBT MP Delhi Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर दिल्ली से सामने आई है। शिवसेना ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) में आखिरकार फिर बहुत बड़ी टूट पर आधिकारिक मुहर लग गई है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) द्वारा दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में 'व्हिप' जारी होने के बावजूद 6 बागी सांसदों में से एक भी नेता नहीं पहुंचा। बैठक शुरू होने के काफी देर बाद तक इंतजार किया गया, लेकिन किसी भी बागी सांसद ने अपनी हाजिरी नहीं लगाई। साफ है कि इन बागी सांसदों ने पार्टी के आदेश और व्हिप को पूरी तरह हवा में उड़ा दिया है, जिसके बाद अब इन सभी पर दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

ठाकरे गुट के केवल 3 लोक सभा सांसद पहुंचे

वर्तमान में लोक सभा में उद्धव ठाकरे गुट के पास कुल 9 सांसद हैं। दिल्ली में बुलाई गई इस अहम बैठक में केवल 3 लोकसभा सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और नासिक से सांसद राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। इनके अलावा राज्य सभा सांसद संजय राउत इस बैठक में मौजूद रहे।

बुधवार को दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी केवल यही तीनों सांसद संजय राउत के साथ दिखे थे। बाकी बचे 6 सांसदों की गैरमौजूदगी ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि एकनाथ शिंदे का 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) कामयाब हो चुका है।

इन 6 सांसदों ने फेरा उद्धव ठाकरे से मुंह

ठाकरे गुट की इस बैठक से नदारद रहने वाले और बगावत का बिगुल फूंकने वाले 6 सांसदों में ये बड़े नाम शामिल हैं, जिनके शिंदे गुट में जाने की अटकलें अब सच साबित होती दिख रही हैं। इसमें संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल है।

पार्टी के करीबी और निष्ठावान माने जाने वाले सांसदों द्वारा व्हिप का उल्लंघन किए जाने के बाद अब उद्धव ठाकरे खेमे को लोक सभा में अपने वजूद को बचाने के लिए एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़नी होगी।

Published on:
18 Jun 2026 11:46 am