मुंबई

‘ठाणे आकर वापस नहीं जा पाओगे’, प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर शिंदे गुट की चेतावनी, कहा- अभी सहानुभूति में चुप हैं

Thane Murder Case: ठाणे में शिवसेना (UBT) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद शिंदे गुट ने विपक्ष को चेतावनी दी है। सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि फिलहाल सहानुभूति के कारण वे चुप हैं, लेकिन इसे कमजोरी न समझा जाए। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और पुलिस कार्रवाई जारी है।
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Updated: 28 Oct 2026, 3:20 PM IST
Pradeep Purnekar Murder Case
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर शिंदे गुट की चेतावनी, फोटो सोर्स- IANS

Pradeep Purnekar Murder Case: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के मानपाड़ा विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद ठाणे में सियासी तनाव बढ़ गया है। हत्या के विरोध में उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने घोड़बंदर इलाके में आधी रात को प्रदर्शन किया। इस आंदोलन से नाराज एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोधियों को कड़ी चेतावनी दी।

शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के और मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि फिलहाल वे घटना के प्रति सहानुभूति के कारण चुप हैं, लेकिन इसे उनकी कमजोरी न समझा जाए। म्हस्के ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ठाणे आने वाले विरोधियों को फिर आसानी से वापस नहीं जाने देंगे। उनके इस बयान से ठाणे की राजनीति में तनाव और बढ़ने के संकेत हैं।

‘हत्या के मामले में राजनीति कर रहे हैं विरोधी’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद नरेश म्हस्के ने आरोप लगाया कि प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद विपक्षी दल एकजुट होकर इस घटना पर राजनीति कर रहे हैं और बिना वजह शिवसेना को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों में एक साथ आने के बावजूद विपक्षी दलों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और अब वे इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। म्हस्के ने कहा कि शिवसेना पर हत्या के झूठे आरोप लगाकर माहौल बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना के पहले ही दिन पुलिस आयुक्त से फोन पर बात कर मामले की गहन जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की मांग रही है कि आरोपी कोई भी हो, उसे जल्द गिरफ्तार किया जाए और मृतक को न्याय मिले।

SIT गठित, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा

म्हस्के के अनुसार, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अगर उसे जांच पर भरोसा नहीं है या उसके पास कोई सबूत हैं, तो उन्हें सीधे SIT को सौंपना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसी भी आरोपी को बचाने के पक्ष में नहीं है। म्हस्के के मुताबिक, मंत्री प्रताप सरनाईक मृतक के घर भी गए थे और एकनाथ शिंदे के संपर्क के जरिए परिवार को भरोसा दिलाया गया था कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

‘आम लोगों को परेशान करने वाला आंदोलन बर्दाश्त नहीं’

घोड़बंदर और नौपाड़ा में हुए प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए म्हस्के ने आरोप लगाया कि सड़कों को बंद करने से आम लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने दावा किया कि काम से घर लौट रहे लोग और एंबुलेंस चार से पांच घंटे तक जाम में फंसे रहे। म्हस्के ने कहा कि शिवसैनिक चाहें तो मौके पर विरोध कर सकते थे, लेकिन घटना की गंभीरता और परिवार के प्रति सहानुभूति को देखते हुए उन्होंने संयम बरता। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संयम का फायदा उठाकर अगर कोई राजनीतिक साजिश रचने की कोशिश करेगा, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे का अपमान भी सहन नहीं किया जाएगा।

प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड को लेकर ठाणे में दोनों शिवसेना गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Updated on:
28 Oct 2026, 3:20 PM IST
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