मुंबई

पुणे के छावनी पुलिस स्टेशन में रोज सजती है सुरों की महफिल, अधिकारी से लेकर चपरासी तक होते है शामिल

एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस पर काम को लेकर बहुत दबाव रहता है, जिसके कारण वे कई बार तनावग्रस्त हो जाते हैं। इसका असर काम के साथ उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ता है। इसमें संगीत कार्यक्रम स्ट्रेस बस्टर का काम करता है।

2 min read
Mar 19, 2023
पुणे का छावनी पुलिस स्टेशन

Pune Police: दिनभर बदमाशों, अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच घिरी रहने वाली पुलिस यदि रोजाना अपने तनाव को कम करने के लिए मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गज पार्श्व गायकों के सदाबहार नगमों को गुनगुनाए तो आपको जानकर आश्चर्य तो होगा ही। पर, महाराष्ट्र के पुणे में स्थित छावनी पुलिस स्टेशन में ऐसा रोज होता है। यहां का थाना स्टाफ रोजाना शाम को विशेष संगीत सत्र का आयोजन स्ट्रेस बस्टर के रूप में करता है।

सभी पुलिसकर्मी यहां एकसाथ आते हैं और गाते हैं। इससे उनमें सकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है और सबके बीच संबंध भी प्रगाढ़ हो गए हैं। इस पहल का महत्वपूर्ण परिणाम इस रूप में भी निकलकर आया कि अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को साझा नहीं करने वाले कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खुल कर संवाद करना शुरू कर दिया। यहां तक कि जांच में इनपुट देना भी शुरू कर दिया। यह भी पढ़े-म्हाडा ने बदले नियम, अब कम कमाई वाले भी खरीद सकेंगे बड़ा घर, MIG-HIG के लिए भी बड़ा बदलाव


थाने के एक कमरे को बनाया म्यूजिक रूम

वरिष्ठ निरीक्षक अशोक कदम ने बताया कि पुलिस पर काम को लेकर बहुत दबाव रहता है, जिसके कारण वे कई बार तनावग्रस्त हो जाते हैं। इसका असर काम के साथ उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ता है। ऐसे में इस पहल के जरिए उन्हें तनाव मुक्त करने की कोशिश की गई है। इस थाने के एक कमरे में म्यूजिक रूम की व्यवस्था है, जहां कराओके सिस्टम, स्पीकर, साउंड मिक्सर लगाया गया है।

जानकारों ने बताया कि यह पुलिस स्टेशन न केवल महाराष्ट्र बल्कि शायद देश का पहला ऐसा स्टेशन है, जहां पुलिस के अधिकारी से लेकर कॉन्स्टेबल तक एक मंच पर संगीत के जरिए अपनी चिंताओं को दूर भगाते हैं।


स्थानीय गुरुद्वारा ने की मदद

कोविड-19 महामारी के खत्म होने के बाद संगीत चिकित्सक डॉ. संतोष बोराडे ने थाना पुलिस को विशेष सत्र में परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि संगीत तनाव को दूर करता है। ऐसे में उनके सुझाव पर थाने में छोटा स्पीकर और माइक लगवाया दिया। इसके बाद उत्साहित पुलिसकर्मियों ने संगीत में रुचि दिखानी शुरू की। अधिकारियों ने थाने में कराओके सिस्टम, मिक्सर और सिंगिंग माइक जैसे कुछ उच्च-स्तरीय उपकरण खरीदने की योजना बनाई। उनके इस कदम में स्थानीय गुरुद्वारे ने मदद की और सारे सिस्टम थाने में व्यवस्थित किए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया प्रोत्साहित

वरिष्ठ निरीक्षक कदम ने बताया कि थाने में पुलिस अधिकारी, कांस्टेबल और चपरासी सहित 15 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो संगीत कक्ष में नियमित रूप से गाते हैं। इस पहल के बारे में पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारियों को पता चला तो उन्होंने भी थाने के कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया।


रोज शाम 7 बजे होता है कार्यक्रम

सब इंस्पेक्टर विनायक गुजर ने बताया कि नौकरी की वजह से संगीत का शौक पीछे छूट गया था। अब हर दिन ड्यूटी के बाद गीत-संगीत का निरंतर अभ्यास करते हैं। थाने का पूरा स्टाफ रोज शाम 7 बजे के बाद संगीत कक्ष में एकत्र होता है। संगीत ने थाना क्षेत्र की जनता को भी हमसे जोड़ा है। वे भी उनके साथ शामिल होते हैं।

Published on:
19 Mar 2023 05:09 pm
Also Read
View All