Maharashtra Crime News: 37 वर्षीय महिला अपने घर में अकेली थी, तभी अचानक एक 28 वर्षीय युवक आया और अश्लील बातें करते हुए जबरदस्ती अंदर आने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
महाराष्ट्र के पुणे शहर के सहकारनगर इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार (11 अप्रैल) की दोपहर एक 28 वर्षीय रिक्षाचालक ने घर में अकेली 37 वर्षीय महिला के साथ बदसलूकी की। आरोपी की पहचान अमित संजय मोरे के तौर पर हुई है, जो धनकवडी का निवासी बताया जा रहा है। घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने घर में काम कर रही थी और आरोपी अचानक दरवाजा धकेलकर अंदर आने की कोशिश करने लगा।
पीड़ित महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी अमित मोरे (28) ने घर के पास पहुंचकर बेहद आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया। उसने महिला से कहा कि "तुम्हारा पति बाहर गया है, मुझे अंदर आने दो, हम मजे करेंगे।" यह सुनकर महिला घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को फटकार लगाई और साफ इनकार कर दिया।
जब महिला ने आरोपी अमित मोरे का कड़ा विरोध जताया और उसे अपनी मां के समान बताया, तो वह और भी आक्रामक हो गया। उसने महिला को डराते हुए कहा कि वह पहले भी जेल जा चुका है और उसे कानून का कोई डर नहीं है। उसने महिला को धमकी दी कि कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता और वह उसके पति को भी नहीं छोड़ेगा।
आरोपी की इस करतूत से पीड़िता बेहद डर गई और उसने तुरंत सहकारनगर पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, घटना के बाद से ही आरोपी अमित मोरे फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की जांच जारी है। इस बीच, पुलिस प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि ऐसी किसी भी स्थिति में डरे नहीं और तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
इस घटना ने पुणे के स्थानीय निवासियों खासतौर पर महिलाओं में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या महिलाएं अपने घर के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं? नागरिकों में इस बात को लेकर भी चिंता है कि शहर में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं और प्रशासन को इस दिशा में और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है।