PMC Election 2026: पुणे पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और 30 पन्नों के सुसाइड नोट की बारीकी से जांच की जा रही है।
पुणे में महानगरपालिका चुनाव की सरगर्मियों के बीच हडपसर इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पुणे में अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के वार्ड-41 से उम्मीदवार फारुख शेख की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर हडपसर निवासी सादिक उर्फ बाबू कपूर (उम्र 56) ने आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, सादिक कपूर ने शनिवार को कैंप इलाके में अपने ही कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने न सिर्फ हडपसर बल्कि पूरे पुणे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस को घटनास्थल से ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे मामला सीधे राजनीतिक हो गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आत्महत्या से पहले सादिक उर्फ बाबू कपूर ने अपने हाथ पर कुछ लोगों के नाम लिखे थे। इसके साथ ही पुलिस को मौके से करीब 30 पन्नों की एक सुसाइड नोट भी मिली है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों और मानसिक प्रताड़ना का विस्तार से जिक्र किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुसाइड नोट में हडपसर के सैयद नगर इलाके में स्थित करीब 10 करोड़ की जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद का जिक्र है। बताया जा रहा है कि इस जमीन को लेकर सादिक कपूर और एनसीपी (अजित पवार) के उम्मीदवार फारुख शेख के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। सादिक ने पत्र में आरोप लगाया है कि इसी विवाद के चलते उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
पत्र में यह भी लिखा गया है कि फारुख शेख और कुछ पुलिस अधिकारियों के दबाव और प्रताड़ना से तंग आकर ही उन्होंने यह कदम उठाया। आत्महत्या जैसे गंभीर मामले में एक चुनावी उम्मीदवार का नाम सामने आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
लष्कर पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु की शिकायत दर्ज कर ली है और सुसाइड नोट में जिन-जिन नामों का उल्लेख है, उनकी गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 30 पन्नों की सुसाइड नोट में किए गए हर दावे की बारीकी से जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। आत्महत्या करने वाले सादिक का क्रिमिनल बैकग्राउंड था। उस पर मकोका के तहत केस दर्ज हुआ था।
फिलहाल इस घटना ने पुणे की चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है। चुनावी मौसम में अजित पवार गुट के उम्मीदवार पर इस तरह के गंभीर आरोप लगने से विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। हालांकि अजित पवार गुट की ओर से इस मामले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।