
Maharashtra MLC Election Result 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए पिछले 30 घंटों से जारी मतगणना के बीच पहला नतीजा सामने आ गया है। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Pune Teachers Constituency) से भाजपा (BJP) के उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे ने शानदार जीत हासिल की है। इस सीट पर मुकाबला भाजपा के कौस्तुभ गावडे, एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सचिन सानप और कांग्रेस के निवर्तमान विधायक जयंत असगांवकर के बीच था। नतीजों के बाद सचिन सानप ने कौस्तुभ गावडे को बधाई दी और कहा कि वह आगे भी शिक्षकों के मुद्दों के लिए काम करते रहेंगे।
बता दें कि पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य जयंत असगांवकर को मात दी है और कौस्तुभ गावडे 6 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से विजयी हुए हैं। जबकि महायुति में भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा और निर्दलीय उम्मीदवार प्रोफेसर सचिन सानप का समर्थन किया था, सानप शिंदे गुट के मंत्री उदय सामंत के करीबी हैं। कौस्तुभ गावडे के बाद सचिन सानप ही दूसरे स्थान पर रहें है और अपनी ही सीट पर कांग्रेस चौथे स्थान पर आई है।
कौस्तुभ गावडे की पत्नी मयूरी गावडे ने जीत पर खुशी जताते हुए कहा, "यह सिर्फ मेरे पति की जीत नहीं है, बल्कि पूरे 5 जिलों के शिक्षकों की जीत है। तो इन सब शिक्षकों का विश्वास आज उन्हें जीत तक ले आया है और सब सब तरफ आप देख रहे हैं खुशी का माहौल है…" पुणे डिवीजन के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिले शामिल हैं।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के कौस्तुभ गावडे, शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप और कांग्रेस के जयंत आसगांवकर के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। मतगणना के दौरान कौस्तुभ गावडे पहले स्थान पर बने रहे, जबकि सचिन सानप दूसरे स्थान पर रहे।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कौस्तुभ गावडे और सचिन सानप के बीच लगभग 6,200 मतों का अंतर था। तीसरे स्थान पर रहे दत्तात्रय सावंत दौड़ से बाहर हो गए थे, जबकि सचिन सानप के मतों की गिनती जारी थी। फिलहाल परिणाम की अंतिम घोषणा के बाद ही जीत के अंतर की औपचारिक पुष्टि हो सकेगी।
चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन सानप ने कौस्तुभ गावडे को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्य मुकाबला उनके और भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे के बीच था। इसलिए मतों के बंटवारे को हार की वजह बताने का सवाल नहीं उठता। सानप ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि शिक्षकों ने अपना शिक्षक प्रतिनिधि नहीं चुना। उन्होंने यह भी अपील की कि चुनाव के नाम पर शिक्षकों को बदनाम करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव में उन्हें 17 हजार से अधिक शिक्षकों का समर्थन मिला। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का दायरा बड़ा था। इसमें पांच जिले और 58 तालुके शामिल थे। प्रचार के लिए समय कम मिलने के बावजूद शिक्षकों ने उन पर भरोसा जताया।
सचिन सानप ने अपनी उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले शिवसेना नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उदय सामंत, शंभूराज देसाई सहित पार्टी के विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों ने उनके समर्थन में काम किया। सबके सहयोग की वजह से ही वह चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि भले ही वह जीत हासिल नहीं कर पाए, लेकिन चुनाव में उन्हें शिक्षकों का इतना बड़ा समर्थन मिलना ही महत्वपूर्ण है।