मुंबई

‘न सिर है, न पैर!’: राहुल गांधी के खिलाफ मामले की जल्द सुनवाई की मांग पर भड़के CJI, वकील को फटकारा

Rahul Gandhi Assets Case: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कथित बेहिसाबी संपत्ति मामले में तत्काल सुनवाई की मांग पर CJI सूर्यकांत ने याचिककर्ता को कड़ी फटकार लगाई है। फिलहाल मामला शीर्ष अदालत में लंबित है।
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Updated: 27 Oct 2026, 4:07 PM IST
CJI Surya Kant Rahul Gandhi case
सुल्तानपुर में राहुल गांधी अपनी कानूनी टीम से मिलते हुए (Photo: IANS/File)

CJI Surya Kant: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जुड़े कथित बेहिसाबी संपत्ति मामले में तत्काल सुनवाई की मांग पर देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने प्रतिवादी पक्ष के वकीलों को फटकार लगाई। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मामले की बुनियाद पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें न तो कोई ठोस आधार नजर आता है और न ही कोई स्पष्ट तर्क। यह मामला राहुल गांधी के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति होने के आरोपों से जुड़ा है।

यह मामला उस याचिका से संबंधित है, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से आरोपों की जांच करने और रिपोर्ट पेश करने की मांग की गई थी। राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाई कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा रखी है।

क्या है राहुल गांधी से जुड़ा बेहिसाबी संपत्ति मामला?

कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में आपराधिक रिट याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी के पास उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति है।

जिस पर सुनवाई करते हुए इसी साल जुलाई में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने CBI और ED को आरोपों की जांच करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

कांग्रेस सांसद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हाई कोर्ट में अपनाई गई प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित मामला बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की कार्यवाही पर लगाई थी रोक

इस मामले की सुनवाई 17 अगस्त 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहाना की तीन सदस्यीय पीठ ने की। सुनवाई के दौरान पीठ ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया और इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही, CBI और ED को हाई कोर्ट के समक्ष कोई जांच रिपोर्ट या हलफनामा पेश करने से भी रोक दिया। तब से मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और अंतरिम रोक जारी है।

राहुल गांधी के 200 अधिकारियों वाले बयान का दिया था हवाला

दरअसल, हाल ही में राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में दावा किया था कि सीबीआई और ईडी के 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं। इसी बयान का हवाला देते हुए प्रतिवादी पक्ष के वकीलों ने मामले की तत्काल सुनवाई करने की मांग की।

मामले में दम नहीं- CJI सूर्यकांत

इस मांग पर सीजेआई सूर्यकांत ने नाराजगी जताई और वकीलों को फटकार लगाई। उन्होंने इस मामले के आधार और सुनवाई में जल्दबाजी की जरूरत पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, "'इस अर्जी का न कोई सिर है न पैर है... कोई न्यूज़ चैनल वालो से बात की है क्या इसके लिए?"

Updated on:
27 Oct 2026, 4:07 PM IST
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