
कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे (Photo: X/@INCIndia)
Praniti Shinde News: महाराष्ट्र के सोलापुर से कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं, राहुल गांधी के आंदोलनों, संविधान और देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य कभी नहीं था, बल्कि सामाजिक कार्यों के दौरान लोगों तक पहुंचने की सीमाएं महसूस होने के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि वह खुद को किसी व्यक्ति विशेष की टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ी कार्यकर्ता मानती हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशीलकुमार शिंदे की बेटी प्रणिती शिंदे ने 'एबीपी माझा' को दिए इंटरव्यू में अपने राजनीतिक सफर के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले उनकी रुचि सामाजिक कार्यों और कम्युनिटी डेवलपमेंट में थी।
प्रणिती शिंदे ने पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करने के बाद कानून की शिक्षा भी हासिल की। इसके बाद उन्होंने 'जाईजुई' संस्था के माध्यम से सामाजिक कार्य शुरू किया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को समझना और विकास कार्यों को जरूरतमंदों तक पहुंचाना उनके काम का प्रमुख हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में काम करते हुए महसूस हुआ कि सीमित संसाधनों और अधिकारों के कारण ज्यादा लोगों तक पहुंचना मुश्किल है। इसी वजह से उन्होंने राजनीति में आने और चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
प्रणिती शिंदे के मुताबिक, वर्ष 2009 में जब उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया, तब उनके पिता सुशीलकुमार शिंदे भी हैरान रह गए थे। हालांकि, बाद के चुनावों में जनता से मिले समर्थन को वह अपने काम की स्वीकृति मानती हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले आंदोलनों और कांग्रेस में अपनी भूमिका को लेकर प्रणिती शिंदे ने कहा कि वह खुद को 'टीम राहुल' का हिस्सा मानने के बजाय एक कांग्रेसी के रूप में पहचानती हैं।
उन्होंने कहा कि वह संविधान और लोकतंत्र में विश्वास करती हैं। जिस संविधान की शपथ लेकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा है, उसके मूल्यों की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। उनके लिए धर्मनिरपेक्षता, सभी धर्मों का सम्मान और देश की अखंडता महत्वपूर्ण हैं।
प्रणिती शिंदे ने महात्मा गांधी, राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति है।
वर्ष 2024 में प्रणिती शिंदे के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं भी सामने आई थीं। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने कभी भी पार्टी बदलने के बारे में नहीं सोचा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह भाजपा में नहीं जा सकतीं। उनके अनुसार, मतदाता किसी नेता को केवल उसकी व्यक्तिगत पहचान के आधार पर वोट नहीं देते, बल्कि उसकी विचारधारा और सिद्धांतों पर भरोसा करके भी समर्थन करते हैं।
प्रणिती शिंदे ने पार्टी बदलने वाले नेताओं को मतदाताओं के विश्वास पर विचार करने की नसीहत दी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, 'भाजपा में जाने से बेहतर है जेल जाकर हीरो बनो, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता मत करो।'
Updated on:
26 Oct 2026, 8:29 AM IST
Published on:
26 Oct 2026, 8:24 AM IST
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