
100 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं सोनाली कुलकर्णी (सोर्स: x-@BoxOffice_Films/@pinkvilla)
Sonali Kulkarni Statement: ऋतिक रोशन, संजय दत्त और प्रीति जिंटा की फिल्म 'मिशन कश्मीर' को रिलीज हुए 26 साल हो चुके हैं, लेकिन इसकी कहानी और किरदार आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं। फिल्म में नीलिमा खान का किरदार निभाने वालीं एक्ट्रेस सोनाली कुलकर्णी ने हाल ही में इसके सफर, शूटिंग के अनुभवों और फिल्म की खासियत पर बात की, जिसमें उन्होंने संजय दत्त के साथ काम करने से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी सुनाया और बताया कि कैसे सेट पर उनकी एक बात ने उनकी घबराहट दूर कर दी थी।
टाइम्स के साथ बातचीत में सोनाली कुलकर्णी ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, लेकिन कई बार अपने काम के बारे में ज्यादा बोल नहीं पाईं। उन्होंने 'मिशन कश्मीर' को अपने समय से आगे की फिल्मों में से एक बताया और कहा कि विधु विनोद चोपड़ा ने जिस सहजता से नीलिमा खान के किरदार को लिखा और पर्दे पर उतारा, वो आज भी उन्हें खास लगता है।
फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक किस्सा याद करते हुए सोनाली ने बताया कि संजय दत्त सेट पर बेहद सहज और हेल्पी नेचर के थे, लेकिन एक सीन को लेकर वो काफी नर्वस हो गई थीं। ये पति-पत्नी के बीच का एक हल्का-फुल्का और प्यार भरा सीन था, जिसमें दोनों इस बात को लेकर एक-दूसरे को छेड़ते हैं कि पहले 'मां' किसने कहा और 'पापा' किसने।
इसके साथ ही, शुरुआत में इस सीन को लेकर यूनिट के लोग अलग-अलग नाम इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन बाद में ये 'बेडरूम सीन' के नाम से पहचाना जाने लगा। सोनाली को इसके लिए स्लीवलेस गाउन पहनना था और वो असहज फील कर रही थीं। सोनाली के मुताबिक, संजय दत्त ने उन्हें समझाया कि अगर दोनों स्टार तनाव में रहेंगे, तो सीन नॉर्मल नहीं लगेगा। उन्होंने सोनाली से रिलैक्स रहने और इसे सिर्फ संवादों वाला एक सामान्य सीन समझने को कहा। एक्ट्रेस ने संजय के इस व्यवहार को याद करते हुए उन्हें बेहद अच्छा इंसान बताया।
सोनाली कुलकर्णी के अनुसार, 'मिशन कश्मीर' में नीलिमा खान का किरदार उनके दिल के बेहद करीब है। वो संजय दत्त के किरदार की पत्नी और ऋतिक रोशन के किरदार के लिए मां जैसी भूमिका निभाती हैं। इस पर सोनाली ने कहा कि नीलिमा एक ऐसी महिला है, जो अपने विचारों, प्यार और स्वाभिमान के साथ मजबूती से खड़ी रहती है।
एक्ट्रेस को खास तौर पर ये बात पसंद आई कि नीलिमा अपने परिवार को समझाती है कि किसी विचार और दर्शन को मानना और किसी से प्यार करना दो अलग बातें हैं। उनके मुताबिक, फिल्म ये भी संदेश देती है कि किसी के प्रति नफरत पालने से पहले तथ्यों और इतिहास को समझना जरूरी है।
आज के सिनेमा से तुलना करते हुए सोनाली ने कहा कि जासूसी, दो देशों के बीच तनाव और धोखे पर आधारित फिल्में अब भी बनती हैं, लेकिन 'मिशन कश्मीर' की पहचान उसकी गहरी भावनाएं हैं। उनके मुताबिक, यही बात इसे दूसरी फिल्मों से अलग बनाती है।
सोनाली ने ये भी कहा कि अगर आज इस फिल्म को दोबारा बनाया जाए, तो वो नीलिमा खान का किरदार फिर निभाना चाहेंगी। उन्होंने विधु विनोद चोपड़ा की संवेदनशील निर्देशन शैली की तारीफ की और फिल्म के कलाकारों के साथ दोबारा काम करने की इच्छा भी जाहिर की। इतना ही नहीं, एक्ट्रेस ने फिल्म के रीमेक की कल्पना करते हुए इसके पुराने कलाकारों, विनोद प्रधान की सिनेमैटोग्राफी, शंकर-एहसान-लॉय के संगीत और खूबसूरत कॉस्ट्यूम का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइनर नितिन देसाई अब इस दुनिया में नहीं हैं।
सोनाली ने कहा कि 'मिशन कश्मीर' के अलावा उनकी कई पुरानी फिल्में आज भी देखी जाती हैं। इनमें 'टैक्सी नंबर 9211', 'दायरा' और 'डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर' शामिल हैं। उन्होंने इसे सिनेमा की खूबसूरती बताते हुए कहा कि फिल्में समय बीतने के बाद भी दर्शकों से जुड़ी रह सकती हैं।
उन्होंने नाटक 'सखाराम बाइंडर' का भी जिक्र किया, जिसे करीब 20 साल पहले शूट किया गया था और जिसे आज भी दर्शक देखते हैं। इस नाटक के संदर्भ में उन्होंने दिवंगत नाटककार विजय तेंदुलकर को भी याद किया।
बातचीत में सोनाली ने भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति से हुई एक यादगार मुलाकात का भी जिक्र किया। एक्ट्रेस के मुताबिक, राष्ट्रपति ने उन्हें फिल्म 'डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर' में रमाबाई अंबेडकर के किरदार में उनके अभिनय के लिए पहचाना था। सोनाली ने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम किया है, लेकिन इस मुलाकात ने उनके लिए एक खास याद छोड़ दी।
Updated on:
27 Oct 2026, 4:31 PM IST
Published on:
27 Oct 2026, 4:31 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.