
Raj Thackeray: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने देश की चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य के सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाए बैलेट पेपर से कराए जाएं और इसके लिए मिलकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी अपनी पोस्ट में राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से चलाई जा रही एसआईआर प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हो रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल चुनाव आयोग का सहारा लेकर इस प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहा है। ठाकरे ने इस पूरी एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रद्द करने, इसमें हुई धांधली की निष्पक्ष जांच कराने और नए सिरे से पारदर्शी तरीके से काम शुरू करने की मांग की है। दूसरी तरफ इस मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्षी खेमा आक्रामक हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनावी प्रक्रिया में हो रही इन गड़बड़ियों और धांधली के लिए जवाबदेही लेनी होगी। इस बीच विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी कर ली है। इस नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर होना आवश्यक है।
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के लिए दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दी है, वहीं वामपंथी दलों ने भी उन्हें तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग का बचाव किया है। बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आयोग के सदस्यों के बीच किसी बात पर मतभेद होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक स्वाभाविक हिस्सा है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।