मुंबई

कांग्रेस ने बढ़ाई उद्धव की टेंशन, कहा- हम राष्ट्रीय पार्टी, राज्यसभा सीट हमारी है

राज्यसभा चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (MVA) में खींचतान शुरू हो गई है। एक सीट के लिए तीनों दलों से कई दावेदार है, ऐसे में वर्तमान सांसद प्रियंका चतुर्वेदी को फिर मौका मिलना मुश्किल लग रहा है।
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Feb 27, 2026
Uddhav Thackeray Shrikant Shinde Nanded Protest,
उद्धव ठाकरे (Photo: IANS/File)

महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, महाविकास आघाडी (MVA) के कोटे से केवल एक सीट सुरक्षित होने के कारण शिवसेना (UBT) के भीतर उम्मीदवारी पाने के लिए जबरदस्त खींचतान शुरू हो गई है। अभी पार्टी को सीट मिलने की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है, लेकिन दिग्गज नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। वर्तमान सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के साथ-साथ राजन विचारे, अंबादास दानवे, विनायक राउत और चंद्रकांत खैरे जैसे बड़े नाम इस रेस में शामिल बताए जा रहे हैं।

शरद पवार के नाम पर पेंच

महाविकास आघाडी (एमवीए) में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी शरद पवार गुट शामिल है। महाराष्ट्र से राज्यसभा की सात सीट के लिए चुनाव 16 मार्च को होगा। लेकिन संख्याबल के आधार पर एमवीए केवल एक ही सीट जीतने की स्थिति में है। राज्यसभा की इस इकलौती सीट को लेकर तीनों घटक दलों के बीच अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर संघर्ष जारी है। एक ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी चाहती है कि यह सीट खुद शरद पवार को मिले, वहीं दूसरी ओर ठाकरे गुट इस पर अपना पहला अधिकार बता रहा है। कांग्रेस ने भी खुद को राष्ट्रीय पार्टी होने का हवाला देकर दावा ठोका है।

प्रियंका चतुर्वेदी का कटेगा पत्ता?

एक सीट के लिए तीनों दलों से कई दावेदार है, ऐसे में राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी को फिर मौका मिलना मुश्किल लग रहा है। शिवसेना (UBT) की स्थिति यह है कि राज्यसभा जाने के लिए पार्टी के भीतर ही एक मौजूदा सांसद, तीन पूर्व सांसद और एक पूर्व नेता प्रतिपक्ष के बीच होड़ मची है।

कांग्रेस ने बढ़ाई उद्धव की टेंशन

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते कांग्रेस ने प्रस्ताव रखा है कि राज्यसभा सीट उसे दिया जाए। इसको लेकर सहयोगी दलों से बात की जाएगी। इस वजह से उद्धव ठाकरे की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

एमवीए की बैठक में नहीं गए ठाकरे

राज्यसभा सीट के बंटवारे को लेकर एमवीए के भीतर मतभेद साफ दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, आदित्य ठाकरे को राज्यसभा के मुद्दे पर चर्चा के लिए दो बार बैठकों में आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे शामिल नहीं हुए। हालांकि वह इस बात पर अड़े हैं कि राज्यसभा की यह एक सीट शिवसेना (UBT) को ही मिलनी चाहिए। हाल ही में विधानभवन में बुलाई गई एमवीए की समन्वय बैठक में कांग्रेस और शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। लेकिन शिवसेना ठाकरे गुट का कोई बड़ा नेता नहीं गया।

विपक्ष के भीतर चल रही यह आंतरिक खींचतान आगामी चुनावों से पहले गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर रही है। जहां शरद पवार के कद को देखते हुए उनके नाम को टालना मुश्किल है, वहीं अपने वफादार नेताओं को संतुष्ट करना उद्धव ठाकरे के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यदि तीनों दलों के बीच आम सहमति नहीं बनती, तो राज्यसभा की यह एक सीट गठबंधन के भीतर बड़े विवाद का कारण बन सकती है।

गौरतलब हो कि इसी साल अप्रैल में एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी, एनसीपी (एसपी) की फौजिया खान, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-अठावले) के रामदास अठावले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और एनसीपी (सुनेत्रा पवार) के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।

Updated on:
27 Feb 2026 03:06 pm
Published on:
27 Feb 2026 12:48 pm