मुंबई

Maratha Reservation: राम कदम का मनोज जरांगे पर हमला, बोले- सड़कों पर दबाव बनाकर नहीं मिलेगी आरक्षण की मांग को मंजूरी

Maratha Reservation Protest: भाजपा विधायक राम कदम ने मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई मार्च और भूख हड़ताल के ऐलान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मराठा समाज की मांगें लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाई जानी चाहिए।
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Sep 13, 2026
Ram Kadam
महाराष्ट्र भाजपा विधायक राम कदम। फोटो- आईएएनएस

Manoj Jarange Patil: महाराष्ट्र भाजपा विधायक राम कदम ने मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित मुंबई मार्च और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर उतरकर दबाव बनाने से मांगें मंजूर नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि मुंबई के लोगों की शांति, गणेश उत्सव और सड़कों पर यातायात भी महत्वपूर्ण हैं। मराठा समाज को पता है कि ‘देवा भाऊ’ (देवेंद्र फडणवीस) ने आरक्षण दिया है। इसके बावजूद जरांगे उन लोगों के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे, जिन्होंने आरक्षण का विरोध किया था।

सरकार पर बनाया जा रहा दबाव

इसके बजाय आरक्षण देने वाली सरकार पर सड़कों के जरिए दबाव बनाया जा रहा है। राम कदम ने कहा कि मराठा समाज की जो भी मांगें हैं, उन्हें संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से तथा कानून के दायरे में उठाया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी दूसरे के हिस्से से छीनकर किसी और को देना न्यायपालिका में टिक पाएगा? सरकार कोई घोषणा करती है और वह अगले दिन हाईकोर्ट में टिक नहीं पाती है तो क्या यह मराठा समाज को मंजूर होगा?

एबीवीपी के विरोध पर दिया जवाब

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने पहले जो फैसले किए हैं, वे सभी न्यायपालिका की कसौटी पर टिके हैं। उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से विरोध किए जाने के सवाल पर भी राम कदम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विचारों के आदान-प्रदान का मंच होता है, लेकिन इसे किसी खास विचारधारा को बढ़ावा देने का मंच नहीं बनाया जा सकता। अगर कोई विचार पेश किया जाता है तो उसके तथ्य भी सामने रखे जाने चाहिए। उन तथ्यों पर तर्क और चर्चा होनी चाहिए।

राम कदम ने कहा कि अगर शिक्षा के लिए बनी किसी संस्था को बिना चर्चा और बातचीत के प्रोपेगैंडा का मंच बना दिया जाए तो इसका स्वागत कैसे किया जा सकता है? अगर किसी विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है तो उसका आधार भी बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे ऐसे विचारों का विरोध कर रहे हैं। विचार जरूर पेश किए जाने चाहिए, लेकिन उन्हें सामने रखने से पहले उनके आधार और तथ्यों की जानकारी भी दी जानी चाहिए। राम कदम ने सवाल किया कि ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारों और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ की ओर से बढ़ावा दी जाने वाली विचारधारा के साथ देश कैसे तरक्की कर सकता है।

Updated on:
13 Sept 2026 03:44 pm
Published on:
13 Sept 2026 03:07 pm