
Maharashtra Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने शरद पवार के भाजपा नीत एनडीए में शामिल होने और एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों की समस्याओं को लेकर मिले थे, न कि किसी राजनीतिक समझौते के लिए। रोहित पवार ने दो टूक कहा कि शरद पवार एनडीए में नहीं जाएंगे और वह खुद भी किसी कीमत पर एनडीए का हिस्सा नहीं बनेंगे।
हाल ही में दिल्ली में हुई कई राजनीतिक मुलाकातों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने और उसके बाद शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। मंगलवार को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान रोहित पवार ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की।
रोहित पवार ने कहा कि शरद पवार की पीएम मोदी से मुलाकात का मकसद पूरी तरह छात्रों की समस्याओं को उठाना था। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ हुए अन्याय और उनकी मांगों को लेकर शरद पवार ने प्रधानमंत्री से चर्चा की थी। इस मुलाकात का एनडीए में शामिल होने या किसी राजनीतिक गठजोड़ से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, "हमारे अधिकांश विधायक और सांसद राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। मैं हमेशा लोगों और अपनी विचारधारा के साथ खड़ा रहा हूं और आगे भी उसी रास्ते पर चलूंगा। मैं एनडीए में नहीं जाऊंगा।"
शरद पवार के पोते रोहित पवार ने अपनी पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को दिल्ली में सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और सारंग लखानी के विवाह समारोह का रिसेप्शन आयोजित किया गया है। उसी कार्यक्रम का निमंत्रण देने के लिए सुप्रिया सुले अमित शाह से मिलने गई थीं। उन्होंने कहा कि इस समारोह में कई केंद्रीय मंत्री और सांसद भी शामिल होंगे, इसलिए इस मुलाकात के राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
सोमवार को एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके कुछ देर बाद शरद पवार की बेटी व लोक सभा सांसद सुप्रिया सुले भी अमित शाह से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ एनसीपी (शरद गुट) सांसद बजरंग सोनवणे भी थे।
हालांकि तटकरे ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात की जानकारी देते हुए बताया था कि उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है। दरअसल राजनीतिक गलियारों में कयास तेज है कि इस बैठक में संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार पर बातचीत हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में अजित पवार गुट को एक मंत्री पद मिल सकता है। इस पद के लिए प्रफुल्ल पटेल का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं, पार्थ पवार को भी केंद्र सरकार में जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, शरद पवार गुट का एक वर्ग एनडीए में शामिल होने या दोनों एनसीपी गुटों के विलय के पक्ष में बताया जा रहा है। हालांकि, भाजपा का रुख अलग माना जा रहा है। भाजपा चाहती है कि यदि शरद पवार गुट को एनडीए का हिस्सा बनना है तो पहले एनसीपी के दोनों गुटों का औपचारिक तौर पर विलय करना चाहिए। पार्टी फिलहाल शरद पवार या उनके सहयोगियों को व्यक्तिगत रूप से एनडीए में शामिल करने के पक्ष में नहीं है। भाजपा का मानना है कि पहले संगठनात्मक स्तर पर दोनों गुट एक हो, उसके बाद ही किसी संभावित राजनीतिक साझेदारी पर विचार किया जाएगा।
हालांकि, रोहित पवार के ताजा बयान के बाद फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।