मुंबई

‘क्रिमिनल बैकग्राउंड के बावजूद मिली पुलिस सुरक्षा’, महाराष्ट्र के KDMC डॉक्टर पिटाई मामले में रोहित पवार ने उठाए सवाल

Maharashtra Doctor Assault: महाराष्ट्र के KDMC में डॉक्टर और महिलाओं से मारपीट पर भड़के रोहित पवार। बोले- क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले नेता को मिल रही थी पुलिस सुरक्षा, सरकार पर लगाए आरोप। जानें पूरा मामला...
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Jul 09, 2026
NEET MPSC paper leak Rohit Pawar
रोहित पवार बोले- MPSC एग्जाम के 100 में से 90 सवाल पहले ही लीक हुए (Photo: IANS)

Dombivli News: महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में एक डॉक्टर और वहां मौजूद महिलाओं के साथ हुई मारपीट की घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए है। रोहित पवार ने कहा कि एक तरफ तो आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और दूसरी तरफ उसे पुलिस सुरक्षा दी जा रही थी, जो कि बहुत ही चौंकाने वाली बात है।

कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल

मीडिया से बात करते हुए रोहित पवार ने कहा कि अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ जो कुछ भी हुआ, वह व्यवहार पूरी तरह से गलत और निंदनीय था। आरोपी कॉरपोरेटर का पुराना क्रिमिनल बैकग्राउंड रहा है। उसने न सिर्फ डॉक्टरों पर हाथ उठाया, बल्कि वहां मौजूद महिला स्टाफ (नर्सों) के साथ भी बदतमीजी और मारपीट की। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि इतना गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद उसे लंबे समय से सरकारी पुलिस प्रोटेक्शन मिली हुई थी। यह कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।

रोहित पवार ने आगे की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब हमने कल इस मुद्दे को विधानसभा और मीडिया में मजबूती से उठाया, तब जाकर दबाव में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। लेकिन खेल देखिए, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद उसे 'तबीयत बिगड़ने' के बहाने वापस ठाणे के सिविल अस्पताल भेज दिया गया। इससे साफ पता चलता है कि कहीं न कहीं सत्ता में बैठे रसूखदार लोग और प्रभावशाली व्यक्ति ऐसे हिंसक तत्वों को पीछे से पूरा सपोर्ट दे रहे हैं।

यह है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल का है, जहां एनआईसीयू (NICU) बेड की अनुपलब्धता को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि शिवसेना कॉरपोरेटर रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और एक युवा महिला डॉक्टर के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र के मेडिकल एसोसिएशन में भारी आक्रोश है। डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर हड़ताल और प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि अगर रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे और उन्हें राजनीतिक शह मिलेगी, तो राज्य में डॉक्टर सुरक्षित कैसे रहेंगे? इस मामले ने अब महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर एक नई बहस छेड़ दी है।

Updated on:
09 Jul 2026 01:40 pm
Published on:
09 Jul 2026 12:56 pm