
Sahar Shaikh Aurangzeb Controversy: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की मुंब्रा से AIMIM की पार्षद सहर शेख एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। इस बार उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब के जन्मदिन की बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने औरंगजेब की प्रशंसा की है और मुगल इतिहास को मिटाने की कोशिशों पर सवाल उठाया है। उन्होंने मुगल शासन की जमकर तरफ की है।
सहर शेख इससे पहले अपने 'कैसा हराया' वाले बयान को लेकर देशभर में चर्चा में आई थीं। अब औरंगजेब और मुगल शासन की तारीफ करने वाले उनके पोस्ट के कारण एक बार फिर सियासी विवाद खड़ा हो गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही कई बार कह चुके है कि औरंगजेब का महिमामंडन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। औरंगजेब क्रूर शासक था, जिसने भारत में घुसपैठ कर हजारों लोगों को मारा था, औरंगजेब के बर्बर विचारों का महिमामंडन या उदात्तीकरण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, उस विचार को वहीं कुचल दिया जाएगा। फडणवीस ने यह भी कहा है कि भारत का कोई भी मुसलमान औरंगजेब का वंशज नहीं है और देश के राष्ट्रवादी मुसलमान मुगल बादशाह को अपना नेता नहीं मानते।
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की युवा नेता सहर शेख ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए औरंगजेब को जन्मदिन की बधाई दी। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि औरंगजेब एक ऐसे सम्राट थे, जिन्होंने पूरी आस्था और ताकत के साथ 'मलिक उल हिंद' पर शासन किया। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास को कभी मिटाया नहीं जा सकता।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने शेर और औरंगजेब की तस्वीर साझा की। इसके साथ उन्होंने लिखा कि औरंगजेब को बदनाम करने या उनके महत्व को कम करने के लिए कितनी भी प्रोपेगेंडा फिल्में बना ली जाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सहर शेख ने अपनी पोस्ट में मुगलकालीन ऐतिहासिक इमारतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने हुमायूं के मकबरे के बाहर खिंचवाई गई तस्वीर साझा करते हुए सवाल किया कि जिस साम्राज्य में इस तरह के भव्य मकबरे बनाए जाते थे, उस समय देश पर किस तरह शासन किया जाता होगा?
इसके अलावा उन्होंने ताजमहल की तस्वीर भी साझा की। उन्होंने लिखा कि मुगलों ने ताजमहल का निर्माण कराया, जिसे दुनिया के सात अजूबों में शामिल किया गया है।
सहर शेख ने पोस्ट में लिखा कि मुगल इतिहास को महज किताबों से हटा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुगलों को इतिहास की किताबों से बाहर करना चाहते हैं। किताबों से मुगलों का नाम हटाया जा सकता है, लेकिन इस जमीन से उनके इतिहास को कैसे मिटाया जाएगा?
AIMIM पार्षद की इन पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक बयानबाजी और विवाद सामने आ चुके हैं।