जब उद्धव ठाकरे सदन में दाखिल हुए, तो उन्होंने भी मुस्कुराते हुए मोर्चा संभाला। उद्धव ने मजाकिया लहजे में कहा, "मुख्यमंत्री जी, जब मैं अंदर आया तो कुछ लोगों को सुन रहा था जो कह रहे थे कि फिर कहीं मिलेंगे... मैं सीएम फडणवीस से तो मिलने वाला हूं, लेकिन कुछ लोग तो ऐसे हैं जिन्हें अब सीधे रणभूमि (चुनाव) में ही मिलना होगा।"
महाराष्ट्र की राजनीति में एक दिलचस्प और हलचल भरा दिन तब देखने को मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का विधान परिषद कार्यकाल समाप्त होने पर उन्हें औपचारिक विदाई दी गई। इस मौके पर सदन में राजनीतिक चुटकियों और कटाक्षों का दौर भी जमकर चला।
सबसे ज्यादा चर्चा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संबोधन की थी, जो कभी उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी रहे हैं, उन्होंने अपने भाषण में उन्हें ‘साहेब’ कहकर संबोधित किया। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के स्वभाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व पूरी तरह से राजनीतिक नहीं है। फडणवीस ने शेरो-शायरी के जरिए उद्धव पर हल्के-फुल्के वार किए।
महाराष्ट्र विधान परिषद के कुल नौ सदस्य (MLC) इस बार रिटायर हो रहे हैं और उनके लिए मंगलवार को आयोजित विदाई समारोह में एकनाथ शिंदे ने सभी के काम की सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ही उद्धव ठाकरे के नाम से की और उनके अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। दिलचस्प बात यह रही कि जब शिंदे बोल रहे थे, उस समय उद्धव ठाकरे सदन में मौजूद नहीं थे।
शिंदे ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि विदाई समारोह में सभी के बारे में अच्छा ही कहा जाता है और आगे भी कई लोगों से अलग-अलग मौकों पर मुलाकात होती रहेगी। उनके भाषण के खत्म होने तक उद्धव ठाकरे सदन में आ चुके थे।
इसके बाद जब उद्धव ठाकरे बोलने के लिए खड़े हुए, तो उन्होंने अपने खास अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे जब सदन में आए तो कुछ बातें उन्होंने सुनीं, जिनमें कहा जा रहा था कि कहीं न कहीं मुलाकात होगी। इस पर उन्होंने हल्का व्यंग्य करते हुए कहा कि कुछ लोगों से वे खुद मिलने वाले हैं, कुछ से मैदान में मुलाकात होगी और कुछ ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि अब बस यहीं तक मुलाकात थी।
अपने भाषण के अंत में उद्धव ठाकरे ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और उनके साथ रिटायर हो रहे अन्य सदस्यों को भी शुभकामनाएं दीं।
महाराष्ट्र विधान परिषद के कुल 9 सदस्यों (MLC) का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, नीलम गोऱ्हे (शिवसेना), शशिकांत शिंदे (NCP शरद गुट), अमोल मिटकरी (NCP अजित गुट) और भाजपा के गोपीचंद पडलकर, रणजितसिंह मोहिते-पाटिल, प्रवीण दटके व रमेश कराड शामिल हैं। साथ ही कांग्रेस के राजेश राठौड़ का एमएलसी कार्यकाल भी पूरा हुआ।
एकनाथ शिंदे ने विश्वास जताया कि इनमें से कुछ सदस्य सदन में दोबारा लौटेंगे, जबकि कुछ जनता के बीच फील्ड पर काम करते मिलेंगे। उद्धव ठाकरे ने भी अपने विदाई भाषण में सभी रिटायर हो रहे सदस्यों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और सदन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।