मुंबई

15-15 करोड़ रुपये एडवांस लिये है, गद्दारों को छोड़ेंगे नहीं! उद्धव सेना ने बागी सांसदों को दी चेतावनी

Sanjay Raut on Operation Tiger: महाराष्ट्र की सियासत में आए नए भूचाल के बीच शिवसेना (UBT) के दिग्गज नेता संजय राउत ने बगावत की राह पर चल रहे अपने 6 लोकसभा सांसदों पर जमकर भड़ास निकाली।

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Jun 17, 2026
Sanjay Raut on Shiv Sena UBT split
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत (Photo-IANS)

Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT split: महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) से छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने की चर्चाओं के बीच पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं पर शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे ने बेटे जैसा स्नेह बरसाया और उद्धव ठाकरे ने भाई जैसा प्यार दिया, वही आज पार्टी के साथ गद्दारी कर रहे हैं।

दिल्ली में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने कहा कि इन नेताओं के भीतर गद्दारी समा चुकी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो सांसद शिवसेना (यूबीटी) के टिकट, मशाल चुनाव चिह्न और उद्धव ठाकरे की मेहनत के दम पर चुने गए हैं, उन्हें जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात करने का कोई अधिकार नहीं है।

उद्धव ठाकरे के करीबी संजय राउत ने कहा, “अभी तक मैं मानता हूं कि हम सब एक साथ है, लेकिन अगर बगावत की खबर सही साबित हुई तो इस बार हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं। हमने अभी से ही कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। हमने व्हिप जारी किया है, हमारी संसदीय बोर्ड की बैठक गुरुवार सुबह 11 बजे बुलाई गई है। स्पीकर ओम बिरला को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है।“

'अब शिवसैनिक चुप नहीं बैठेंगे'

संजय राउत ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि 2022 जैसी स्थिति दोबारा पैदा करने की कोशिश की गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसैनिक खामोश नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सांसद पार्टी छोड़ना चाहते हैं तो पहले अपने पद से इस्तीफा दें और फिर जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ें। वह सब उद्धव ठाकरे के चेहरे पर जीतकर संसद पहुंचे है।

राउत ने कहा, "आप हमारे टिकट पर, हमारे चुनाव चिह्न पर और हमारे मतदाताओं के समर्थन से सांसद बने हैं। ऐसे में पार्टी छोड़ने से पहले नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। फिर चुनाव लड़कर और जीतकर दिखाना चाहिए।"

ओमराजे निंबालकर को लेकर बड़ा दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि सांसद ओमराजे निंबालकर को शिंदे गुट में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया। राउत के मुताबिक, ओमराजे के पिता की हत्या से जुड़े मामले का फैसला आने वाला है और उन्हें कथित तौर पर यह संदेश दिया गया कि यदि फैसला उनके पक्ष में चाहिए तो उन्हें सत्ता पक्ष का साथ देना होगा। हालांकि, राउत के इस दावे पर निंबालकर या शिंदे गुट की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

'50 करोड़ है सांसदों का रेट, 15 करोड़ एडवांस'

संजय राउत ने सांसदों की खरीद-फरोख्त को लेकर भी सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंगलवार रात उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया था, जिसने बताया कि महाराष्ट्र के सांसदों को तोड़ा जा रहा है। मुझे बताया गया कि प्रति सांसद 50 करोड़ रुपये का रेट तय किया गया है। इसमें से 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए। यहां तक की बिना इस एडवांस के कुछ सांसदों ने तो उनके विमान में बैठने से भी इनकार कर दिया था।

उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र में इस तरह पैसों के दम पर पार्टियां तोड़ी जाएंगी तो चुनाव लड़ने और जनादेश लेने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना के वर्तमान नौ लोकसभा सांसदों में अनिल देसाई, अरविंद सावंत, संजय दीना पाटील, राजाभाऊ वाजे, संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटील आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। इसमें से अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ही है जो उद्धव के साथ नजर आ रहे हैं। यही तीन सांसद आज की प्रेस कांफ्रेंस में भी संजय राउत के साथ थे।

Updated on:
17 Jun 2026 12:50 pm
Published on:
17 Jun 2026 12:20 pm