
मुंबई। दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा के एक युवक को थप्पड़ मारने के मामले पर शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा कि नेताओं को सार्वजनिक जीवन में संयम और संवेदनशीलता के साथ पेश आना चाहिए, लेकिन जनता में से किसी के परिवार को गाली देने पर प्रतिक्रिया भी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में बोलने वाले और प्रतिक्रिया देने वाले, दोनों को अपने व्यवहार पर विचार करना चाहिए।
शायना ने कहा कि किसी भी घटना के दो पहलू होते हैं। नेताओं को सार्वजनिक जगहों पर अपने व्यवहार को लेकर सावधान रहना चाहिए। साथ ही अगर कोई व्यक्ति माता-पिता, बेटी, बहन या पत्नी को लेकर अपशब्द कहता है तो उस पर प्रतिक्रिया हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह किसी का पक्ष नहीं ले रही हैं, बल्कि दोनों पक्षों को अपने व्यवहार पर विचार करना चाहिए। सीजेपी के जेल भरो आंदोलन के ऐलान पर शायना ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली है तो कानून का पालन करने वाले नागरिक अहिंसक तरीके से अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी खुद को चर्चा में लाने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है। उनका कहना था कि सरकार और जनता आंदोलनों के तरीके को देख रही है। आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में शायना ने कहा कि वह और उनकी पार्टी साहिल के परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि 22 साल के युवक की मौत बेहद गंभीर मामला है और परिवार के प्रति संवेदनशीलता रखी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में मुंबई अपराध शाखा को जांच के बाद यह स्पष्ट करना चाहिए कि घटना के पीछे जाति या धर्म से जुड़ा कोई मामला था या मानसिक तनाव की कोई भूमिका थी। उन्होंने कहा कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस को जांच पूरी करने का मौका दिया जाना चाहिए। साहिल के माता-पिता ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की है। परिवार ने आईआईटी बॉम्बे के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच मुंबई अपराध शाखा कर रही है।