महाराष्ट्र की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, एनसीपी के दोनों गुटों के बीच विलय की जो चर्चा चल रही थी, उसमें फडणवीस कहीं भी शामिल नहीं थे, तो टिप्पणी क्यों कर रहे हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार (Ajit Pawar) के आकस्मिक निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों के एक होने की खबरें जोरों पर हैं। इन चर्चाओं पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) द्वारा संदेह जताए जाने के बाद अब शरद पवार (Sharad Pawar) ने कड़ा पलटवार किया है। पवार ने साफ शब्दों में कहा कि फडणवीस को इस मामले में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
बुधवार को बारामती में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शरद पवार ने कहा कि विलय को लेकर बातचीत पूरी तरह से आंतरिक थी। उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि फडणवीस को मेरा नाम लेने का क्या हक है? वह इस पूरी बातचीत का हिस्सा कहीं भी नहीं थे। जब वे चर्चा में ही नहीं थे, तो उन्हें इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।"
पवार ने आगे खुलासा किया कि विलय को लेकर जो भी बातचीत चल रही थी, उसका नेतृत्व एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और उनके भतीजे व एनसीपी प्रमुख अजित पवार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फडणवीस का इन बैठकों या चर्चाओं से कोई लेना-देना नहीं था, ऐसे में उनका बयान समझ से परे है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद शरद पवार गुट के नेताओं ने दावा किया कि दोनों गुटों के बीच एकजुट होने की बातचीत अंतिम चरण में थी। अजित पवार ने कथित तौर पर 12 फरवरी की तारीख भी तय कर ली थी, जब वे आधिकारिक रूप से पार्टी के फिर से एक होने की घोषणा करने वाले थे।
हालांकि, मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि अगर ऐसी कोई बात होती, तो एक सहयोगी के तौर पर अजित पवार ने उनके साथ यह जानकारी साझा की होती। इसी बयान पर शरद पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। दरअसल अजित पवार गुट भाजपा नीत सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है।
अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की नई उपमुख्यमंत्री बनीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा, यह खुशी की बात है कि सुनेत्रा पवार को इस पद पर सेवा करने का अवसर मिला है। इसके अलावा मैं सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण पर कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या अजित पवार के बिना अब विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तो उन्होंने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता एक-दूसरे को सहारा देना है। राजनीतिक भविष्य और विलय पर फैसला बाद में लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल से कोई औपचारिक बातचीत नहीं चल रही है।
एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को अपने भतीजे और महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भावुक होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। गोविंद बाग से बारामती पहुंचते ही शरद पवार बेहद व्यथित नजर आए। सुरक्षाकर्मियों के सहारे धीमे और कांपते कदमों से वे अपने भतीजे के तस्वीर तक पहुंचे, सिर झुकाया और कुछ क्षण मौन रहकर श्रद्धांजलि दी। इस दृश्य ने वहां मौजूद परिवारजनों और समर्थकों को भी भावुक कर दिया।
दिवंगत अजित पवार के बारामती स्थित सहयोग सोसायटी वाले आवास पर आयोजित शोक सभा में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, दोनों बेटे- पार्थ और जय पवार के अलावा श्रीनिवास पवार, रोहित पवार समेत परिवार के करीबी सदस्य मौजूद रहे। शरद पवार ने बुधवार को पार्थ पवार, जय पवार, और विजया पाटिल के साथ अलग-अलग बातचीत की। इसके अलावा विद्या प्रतिष्ठान के न्यासियों के साथ भी बैठक की।