
Shinde-Fadnavis Cabinet Decisions: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने 27 दिन के कार्यकाल में छठवीं बार दिल्ली दौरे पर जा रहे है. लेकिन आज (बुधवार) दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने राज्य के किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट बैठक में अन्नदाताओं के हित में अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट बैठक में महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बिजली बिल में छूट देने का फैसला किया है। जबकि कोरोना काल में दर्ज हुए विभिन्न मामलों को भी वापस लेने की घोषणा की है।
सीएम एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बताया कि नियमित ऋण भुगतान करने वाले किसानों को 50 हजार रुपये की सब्सिडी देने का फैसला लिया गया है। साथ ही बाढ़ राहत से वंचित किसानों को भी सहायता प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है। शिंदे ने कहा कि इससे 14 लाख किसानों को फायदा होगा और राजकोष पर 6 हजार करोड़ का बोझ पड़ेगा। यह भी पढ़े-Lonar Crater Lake: महाराष्ट्र की मशहूर लोनार झील का होगा कायाकल्प, शिंदे- फडणवीस सरकार खर्च करेगी 370 करोड़ रुपये
इसके अलावा, किसानों को बिजली बिलों में प्रति यूनिट एक रुपये की छूट देने का निर्णय लिया गया है. शिंदे ने कहा कि बिजली बिल पर छूट से किसानों को बहुत फायदा होगा। साथ ही ग्रामीण भूमिहीन घरकुल योजना पर स्टांप शुल्क एक हजार रुपये निर्धारित किया गया है। साथ ही जमीन सर्वे शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान उन्होंने स्मार्ट मीटर की भी घोषणा की।
कैबिनेट बैठक में पैठण में ब्रह्मगवन उप सिंचाई योजना को हरी झंडी दी गई है। इस योजना में 60 गांव की हजारों एकड़ जमीन की सिंचाई की जाएगी। इसके साथ ही मुंबरी बांध के लिए 1550 करोड़, जलगांव में वाघुर परियोजना के लिए 2288 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
सीएम शिंदे ने बताया कि मराठवाड़ा में हल्दी अनुसंधान केंद्र के लिए मंजूरी दे दी गई है और इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जबकि लोनार झील की विकास योजना के लिए 370 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में ग्रामीण आवास योजना को लेकर अहम फैसला लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन लोगों को घर के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बेघर और भूमिहीन लोगों को पक्का घर मिलेगा।
मुख्मंत्री एकनाथ शिंदे ने आगे बताया कि कैबिनेट बैठक में आज गणेश उत्सव और दही हांडी (कृष्ण जन्माष्टमी) के संबंध में पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन में मार्च 2022 तक के सभी मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। साथ ही कोविड-19 के दिशानिर्देशों के उल्लंघन के मामले भी वापस लिए जाएंगे।