
(मुंबई): शिवसेना और बीजेपी की आंतरिक कलह महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव के बीच खुलकर सामने आ रही है। पालघर संसदीय क्षेत्र में बीजेपी के सामने अपना उम्मीदवार उतारने के बाद शिवसेना सांगली जिले के पलूस कडेगांव विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को अपना समर्थन करते हुए यहां से अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
शिवसेना ने पलूस कडेगांव विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा को फिर झटका दिया है। मिली जानकारी के अनुसार शिवसेना ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करते हुए यहां से अपने उम्मीदवार को चुनाव नहीं लड़ाने की घोषणा की है। गौरतलब है कि पलसू कडेगांव विधानसभा सीट 9मार्च को कांग्रेस के दिग्गज नेता पतंगराव कदम के निधन के बाद खाली हो गई थी। इस सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए 28 मई को मतदान होना है। इस सीट पर कांग्रेस की ओर से पतंगराव कदम के बेटे विश्वजीत कदम चुनाव लड़ने वाले है। वहीं संग्राम सिंह देशमुख बीजेपी के प्रत्याशी होंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस चुनाव में शिवसेना के कांग्रेस को समर्थन देने की बात पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि पतंगराव कदम ने सामजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में जमकर काम किया यहीे कारण है कि शिवसेना चाहती थी कि पतंगराव कदम को श्रद्धांजलि देने के लिए पलूस-कडेगांव का विधानसभा उपचुनाव निर्विरोध हो, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो पाया। इसलिए शिवसेना ने दिवंगत पतंगराव के बेटे व कांग्रेस के उम्मीदवार विश्वजीत कदम को समर्थन देने का निर्णय किया है।
संजय राउत ने यह भी कहा कि बीजेपी को इस सीट से अपना उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए था सही मायने में यही पतंगराव कदम के लिए श्रद्धांजलि होती। संजय राउत के इस बयान का जवाब देते हुए बीजेपी ने कहा कि शिवसेना को भी पालघर से अपना प्रत्याशी नहीं उतारना चाहिए था क्योंकि वह सीट बीजेपी के सांसद चिंतामन वनगा के देहांत के बाद खाली हुई थी।