
Baba Farjan case Ambadas Danve: कुख्यात गैंगस्टर दिवंगत बाबा फरजान के आलीशान बंगले पर हुई क्राइम ब्रांच की छापेमारी के बाद अब महाराष्ट्र में एक नया सियासी घमासान शुरू हो गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब शिवसेना नेताओं की एंट्री हो गई है। शिवसेना नेताओं ने मृत गैंगस्टर के घर से मिले भारी मात्रा में हथियारों और कारतूसों का खुलकर समर्थन किया है, साथ ही पुलिस द्वारा पेश किए गए आंकड़ों और कार्रवाई के तरीकों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शिवसेना विधायक अंबादास दानवे ने बाबा फरजान का बचाव करते हुए एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। दानवे ने कहा कि एक समय था जब इस शहर (छत्रपति संभाजीनगर) में इतने हथियार रखना बेहद जरूरी था। बाबा फरजान एक हिंदुत्ववादी नेता थे। शहर में हुए एक दंगे के दौरान उन्होंने अपने घर के पास गोलीबारी भी की थी। उस दौर में इस शहर की यही जरूरत थी। कोविड काल (कोरोना महामारी) के समय तक भी मैं खुद उनके घर जाया करता था।
अंबादास दानवे ने पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति और शुरुआती रिपोर्टों में विरोधाभास होने का दावा करते हुए कार्रवाई पर नए सवाल दागे हैं। चर्चा है कि शहर के दंगों के पुराने इतिहास को देखते हुए फरजान के घर से 6,000 से अधिक जिंदा कारतूस मिले थे। हालांकि, पुलिस की पहली रिपोर्ट में केवल 632 कारतूस मिलने की बात कही गई थी। दानवे का कहना है कि प्रेस विज्ञप्ति और शुरुआती रिपोर्ट में दी गई ये दोनों ही बातें पूरी तरह गलत हैं। दूसरी तरफ, बाद में पुलिस सूत्रों से यह बात भी सामने आई कि विभिन्न बंदूकों में इस्तेमाल होने वाले कुल 6,350 जिंदा कारतूस और 21 हथियार बरामद हुए हैं, जिनमें से चार हथियारों के लाइसेंस खुद फरजान के नाम पर थे।
इस मामले में केवल अंबादास दानवे ही नहीं, बल्कि राज्य के कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट ने भी पुलिसिया कार्रवाई को आड़े हाथों लिया है। दानवे ने साफ किया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर मंत्री शिरसाट और उनकी राय बिल्कुल एक जैसी है। दोनों नेताओं का मानना है कि फरजान के घर में पुलिस द्वारा बताई गई रकम से कहीं ज्यादा पैसा हो सकता है।