
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और महाभियोग (Impeachment) की मांग को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ जहां विपक्षी गठबंधन (INDIA Bloc) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली में 'चलो दिल्ली' मार्च और विरोध रैली का आह्वान किया है, वहीं शिवसेना ने विपक्ष के इस कदम पर तीखा हमला बोला है।
शिवसेना नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने विपक्ष के 'चलो दिल्ली' मार्च पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाभियोग की प्रक्रिया सड़क पर नहीं, बल्कि संसद में पूरी होती है। अगर विपक्ष वास्तव में इस मुद्दे को लेकर गंभीर है तो उसे संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर दिवाली के दौरान प्रदर्शन आयोजित करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से आम नागरिकों और व्यापारियों को बड़ी परेशानी होगी।
शाइना एनसी ने कहा, ''महाभियोग की प्रक्रिया जनता नहीं, बल्कि देश की संसद करती है। अगर विपक्ष अपनी मांगों और एजेंडे को लेकर वाकई गंभीर है, तो उन्हें सड़कों पर उतरकर आम जनता को परेशान करने के बजाय संसद में आकर इस पर चर्चा करनी चाहिए, वो भी ऐसे समय में जब दिवाली का त्योहार है।''
शिवसेना की राष्ट्रीय सचिव शाइना एनसी ने आगे कहा कि विपक्षी गठबंधन के पास अब जनता के सामने रखने के लिए कुछ नहीं बचा है। वे कभी चुनाव आयोग पर निशाना साधते हैं, तो कभी ईवीएम (EVM), सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि त्योहार के इस सीजन में सड़क जाम और प्रदर्शनों के कारण गरीब व्यापारियों को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान सहना पड़ सकता है।
दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर 1 नवंबर को 'चलो दिल्ली' मार्च में शामिल होने की अपील की थी। राहुल गांधी ने मार्च का कार्यक्रम साझा करते हुए लिखा कि 1 नवंबर को दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च के बाद रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
इस रैली का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली रैली के लिए अनुमति दी गई है, लेकिन कनॉट प्लेस-मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च निकालने के लिए पुलिस से अलग से अनुमति नहीं मांगी गई है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली और मध्य दिल्ली जिला पुलिस को प्रस्तावित मार्च के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना या अनुमति आवेदन नहीं मिला था। हालांकि, रामलीला मैदान में रैली के आयोजन की अनुमति पहले से दी जा चुकी है।
रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मध्य दिल्ली और आसपास के इलाकों में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
INDIA गठबंधन की रैली को देखते हुए 1 नवंबर को दिल्ली के कई इलाकों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, आईटीओ, दिल्ली गेट, अजमेरी गेट, मिंटो रोड, बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग और बाराखंभा रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
रैली के दौरान करीब 350 ट्रैफिक पुलिसकर्मी और 100 से अधिक होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके अलावा रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की योजना है।