
Ram Mandir Donation Dispute Row: मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रविवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। संजय राउत ने राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि क्या राम मंदिर का मुद्दा उठाना कोई अपराध है? अगर कहीं चोरी हुई है, तो जिसके ऊपर जिम्मेदारी है, उससे सवाल तो पूछे ही जाएंगे। हमने संसद से लेकर सड़क तक राम मंदिर चंदे में हुई धांधली का मुद्दा उठाया, लेकिन उल्टा हमारे खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि राम के नाम पर लूट मची हुई है और जब विपक्ष इस पर अपनी आवाज बुलंद करता है, तो उन पर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। राउत ने दावा किया कि देशभर के कई मंदिरों में चोरियां हुई हैं और कई प्रमुख मंदिर आज भी सरकारी नियंत्रण में हैं, ऐसे में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
देश के नए शिक्षा मंत्री को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय राउत ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि देवेंद्र फडणवीस देश के लिए एक बेहतरीन शिक्षा मंत्री साबित हो सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय को एक बेहद सक्षम व्यक्ति की जरूरत है और मेरी नजर में इस पद के लिए फडणवीस ही सबसे योग्य चेहरा हैं।
इससे पहले पुणे दौरे के दौरान संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। संजय राउत ने आरोप लगाया है कि संसद के बीते 10 दिन के सत्र के दौरान जब देश के भविष्य और पेपर लीक पर चर्चा हो रही थी, तब गृह मंत्री संसद से नदारद रहे। न्याय मांग रहे निर्दोष छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठियां चलाई गईं और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। इस देश के छात्रों के खून से उनके हाथ सने हैं, उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि जंतर-मंतर पर देश के लाखों युवाओं ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि मोदी-शाह की जोड़ी 2029 तक सत्ता में नहीं टिक पाएगी और उससे पहले ही इनका राजनीतिक जनाधार समाप्त हो जाएगा।