
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर की चर्चा तेज हो गई है। 'एबीपी माझा' की रिपोर्ट में एक वरिष्ठ नेता के हवाले से दावा किया गया है कि शिवसेना (UBT) के 20 में से 14 विधायक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में जाने की तैयारी में है और नवरात्रि से पहले वे शिंदे खेमे में शामिल हो सकते हैं। अगर यह सही साबित होता है, तो उद्धव ठाकरे के लिए यह दूसरा बड़ा राजनीतिक झटका होगा। इन चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दिल्ली दौरा कई बड़े सियासी उलटफेर की ओर इशारा कर रहा है। यह दौरा गोपनीय बताया जा रहा है। शिंदे आज राज्य कैबिनेट की बैठक में भी शामिल नहीं हुए।
इससे पहले 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी के 9 में से छह लोक सभा सांसद शिंदे सेना में शामिल हुए थे। अब 2024 के विधानसभा चुनाव जीतने वाले 20 विधायकों में से 14 के शिंदे सेना के संपर्क में होने के दावे ने एक बार फिर सूबे की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, अभी तक न तो उन 14 विधायकों के नाम सामने आए हैं और न ही उद्धव गुट ने कथित दलबदल पर प्रतिक्रिया दी है।
शिंदे गुट के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उद्धव ठाकरे गुट के 14 विधायक एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं। फिलहाल शिवसेना (UBT) के पास महाराष्ट्र विधानसभा में 20 विधायक हैं। ऐसे में अगर 14 विधायक पाला बदलते हैं तो पार्टी की विधानसभा में स्थिति पर इसका बड़ा असर पड़ेगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये 14 विधायक कौन हैं? राजनीतिक हलकों में इसे लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन विधायकों को शिंदे गुट में लाने की जिम्मेदारी भाजपा नीत महायुति सरकार के तीन मंत्रियों को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि इन मंत्रियों का संबंध कोंकण, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र से है, लेकिन उनके नाम सामने नहीं आये हैं। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि संभावित रूप से शिंदे गुट में शामिल होने वाले 14 विधायकों में से 6 को सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इनमें कुछ विधायकों को मंत्री पद या महत्वपूर्ण विभाग देने के साथ-साथ कुछ नेताओं को महामंडल का अध्यक्ष और राज्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी चर्चा है।
शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता के दावे के अनुसार, इन विधायकों का पार्टी में प्रवेश नवरात्रि से पहले हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो महाराष्ट्र की राजनीति में यह बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा। हालांकि, अभी तक शिवसेना (UBT) या इन 14 संभावित विधायकों की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
यह पहली बार नहीं है जब एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच राजनीतिक टकराव में विधायकों या सांसदों के पाला बदलने की चर्चा हो रही है। 2022 में एकनाथ शिंदे ने करीब 40 विधायकों के साथ शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत की थी। इसके बाद महाराष्ट्र में सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गया और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। फिर भाजपा के साथ हाथ मिलाकर शिंदे पहली बार मुख्यमंत्री बने।
इसके बाद हाल के महीनों में शिवसेना उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। अब ठाकरे गुट के 20 विधायकों में से 14 पर फिर से शिंदे गुट की नजरें टिक गई हैं। फिलहाल सभी की नजरें इन 14 विधायकों के नाम और संभावित राजनीतिक कदम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।