
NCP Internal Conflict: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एक ओर शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के भाजपा नीत महायुति में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है, दूसरी ओर सुनेत्रा पवार नीत एनसीपी गुट में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को अब पार्टी के भीतर से ही कानूनी चुनौती मिल गई है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने वकील के माध्यम से नोटिस भेजकर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव दोबारा कराने की मांग की है।
अजित पवार के निधन के बाद पार्टी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। शुरुआत में प्रफुल पटेल का नाम सामने आया था, लेकिन 26 फरवरी को आयोजित एनसीपी की आम सभा में प्रफुल पटेल ने ही सुनेत्रा पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
अब इसी नियुक्ति पर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने पिछले हफ्ते सुनेत्रा पवार, कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल और पार्टी सचिव बृजमोहन श्रीवास्तव को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि 26 फरवरी को हुई राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया वैध नहीं थी, इसलिए उसे रद्द कर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव दोबारा निष्पक्ष तरीके से कराया जाए।
नोटिस में यह भी मांग की गई है कि जब तक नए सिरे से चुनाव नहीं हो जाता, तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष और संशोधित पदाधिकारियों की सूची को भी अमान्य माना जाए। इस घटनाक्रम ने एनसीपी (अजित पवार गुट) में एक बार फिर अंदरूनी असंतोष की चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि, इस नोटिस पर पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब हो कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के चार दिन बाद 31 जनवरी को सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और 26 फरवरी को उन्हें एनसीपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।