
Sharad Pawar Ajit Pawar NCP alliance end: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से शरद पवार और अजीत पवार गुट वाली दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। राकांपा (शरद पवार) गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया है कि अब विलय का विषय उनके और उनकी पार्टी के लिए हमेशा के लिए खत्म हो चुका है।
सुप्रिया सुले ने भावुक होते हुए कहा कि यह उनके दिवंगत भाई की आखिरी इच्छा थी, लेकिन चूंकि अब दूसरी तरफ (अजीत पवार गुट) से वैसी भावनाएं और इच्छा नहीं दिखाई दे रही है, इसलिए उन्होंने इस चर्चा को यहीं समाप्त कर दिया है।
हाल ही में अजीत पवार गुट के नेता सुनील तटकरे ने दोनों पार्टियों के विलय की खबरों से यू-टर्न ले लिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि 'आज मेरा भाई इस दुनिया में नहीं रहा। उसके जाने को करीब पांच महीने बीत चुके हैं और हम अभी-अभी एक परिवार के रूप में इस सदमे से उबर रहे हैं। मेरे भाई की आखिरी इच्छा थी कि दोनों पार्टियां एक साथ आएं और मिलकर राज्य व देश की सेवा करें। जब मेरे भाई जीवित थे, तब भी और उनके जाने के बाद भी मैं उनकी इस इच्छा को पूरा करना चाहती थी।'
उन्होंने आगे कहा किलेकिन अब दूसरी तरफ से वैसी भावनाएं सामने नहीं आ रही हैं। हमारे कुछ नेताओं ने शुरू में इस विलय पर बात की थी, लेकिन सामने वालों ने साफ कह दिया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। इससे हमें बहुत दुख और ठेस पहुंची है। विलय का प्रस्ताव मेरे भाई का था, लेकिन अब हमने इस विषय को पूरी तरह बंद कर दिया है। हम स्वाभिमानी लोग हैं और अब हमारे लिए यह चर्चा खत्म हो चुकी है।'
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों एनसीपी गुटों के दोबारा एक होने की खबरें तेजी से तैर रही थीं। लेकिन हाल ही में अजीत पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने विलय की इन संभावनाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए यू-टर्न ले लिया था। तटकरे के इसी बयान के बाद शरद पवार गुट की तरफ से सुप्रिया सुले का यह कड़ा और भावुक रुख सामने आया है, जिसने अब समझौते के सभी रास्तों को बंद कर दिया है।