Thane Gaondevi Market Fire: मुंबई से सटे ठाणे शहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां एक व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगने के कारण दो लोगों की जलकर मौत हो गई। आग की चपेट में आने से दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में गुरुवार को भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। नौपाड़ा इलाके स्थित गांवदेवी सब्जी मंडी में लगी इस आग में एक अधिकारी सहित दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि फायर ब्रिगेड के दो कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा गुरुवार तड़के करीब 3:45 बजे गोखले रोड स्थित गांवदेवी सब्जी मंडी में हुआ। उस समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, जिसके कारण आग लगने का पता देर से चला। देखते ही देखते आग ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे बाजार में धुएं का गुबार फैल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाजार से उठती ऊंची लपटों ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को खबर दी। बताया जा रहा है कि तीन मंजिला इमारत के भूतल पर सब्जी, फल और कपड़ों के भी कई स्टॉल थे, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन इस दौरान दो लोगों की जान चली गई।
मृतकों की पहचान 43 वर्षीय सागर शिंदे और 53 वर्षीय कालू शंकर गाडेकर के रूप में हुई है। सागर शिंदे ठाणे फायर ब्रिगेड में स्टेशन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, जबकि कालू शंकर गाडेकर ठाणे नगर निगम (TMC) में सुरक्षा गार्ड थे। वह उसी परिसर में सुरक्षा गार्ड के तौर पर कार्यरत थे।
इस हादसे में फायर ब्रिगेड के स्टेशन ऑफिसर सुजीत पाष्टे (45) और तांडेल समीर जाधव (40) भी गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को तुरंत छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं 19 वर्षीय ट्रेनी फायर कर्मी हर्ष धुमाल ने भी आग बुझाने के दौरान धुआं अंदर जाने से तबीयत खराब होने की शिकायत की।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारी हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर शहर की घनी आबादी वाले बाजारों और व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी इंतजाम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।