
Maharashtra Politics:महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। नेताओं के बयान और कयासों का दौर इतनी तेजी से बदल रहा है कि कल क्या होगा, कोई नहीं जानता। इस समय सबसे बड़ी चर्चा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भविष्य को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में लगातार यह चर्चा चल रही है कि फडणवीस जल्द ही महाराष्ट्र छोड़कर दिल्ली यानी केंद्र की राजनीति में कदम रखने वाले हैं। विपक्ष इस पर लगातार चुटकियां ले रहा है, लेकिन अब खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने मीडिया के सामने ऐसा नपा-तुला और मजेदार जवाब दिया, जिसने कयास लगाने वालों को सोच में डाल दिया है।
दरअसल, जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि सर, चर्चाएं तेज हैं कि आप दिल्ली जा रहे हैं और देश का नेतृत्व संभालेंगे, इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? तो फडणवीस ने सिर्फ एक लाइन में मुस्कुराते हुए कहा, मैं परसों ही दिल्ली जाकर आया हूं। मुख्यमंत्री के इस छोटे और हाजिरजवाबी से भरे बयान ने फिलहाल के लिए चर्चाओं पर फुलस्टॉप तो लगा दिया है, लेकिन राजनीति को समझने वाले जानते हैं कि सस्पेंस अभी खत्म नहीं हुआ है।
इस विवाद को हवा देने में शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत का हाथ माना जा रहा है। राउत ने हाल ही में एक दावा करते हुए कहा कि अगर देवेंद्र फडणवीस केंद्र की राजनीति में जाते हैं, तो महाराष्ट्र की कमान चंद्रशेखर बावनकुळे के हाथों में आ सकती है।
राउत ने तंज कसते हुए कहा कि अगर फडणवीस साल 2029 से पहले देश के प्रधानमंत्री बन जाते हैं, तो एक मराठी मानूस होने के नाते हमें खुशी होगी। उद्धव ठाकरे ने भी उन्हें इसके लिए शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2029 के बाद भाजपा की सरकार वैसे भी नहीं आने वाली, इसलिए फडणवीस को जो करना है, अभी कर लेना चाहिए। राउत के मुताबिक, एकनाथ शिंदे दोबारा सीएम नहीं बनेंगे और गिरीश महाजन का रिकॉर्ड खराब है, इसलिए बावनकुळे ही फडणवीस की पहली पसंद होंगे।
इससे पहले युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर फडणवीस को घेरा था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री के तौर पर देवेंद्र फडणवीस का यह आखिरी विधानसभा सत्र है। इसके बाद बीजेपी उन्हें महाराष्ट्र में टिकने नहीं देगी और उन्हें दिल्ली भेजकर कोई मंत्री पद थमा दिया जाएगा। आदित्य ठाकरे ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा था कि जो न्याय शिवराज सिंह चौहान के साथ हुआ, वही फडणवीस के साथ भी होने वाला है।
फिलहाल, विपक्ष के इन तीखे हमलों और दावों के बीच देवेंद्र फडणवीस के 'परसों वाले' बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। लोग अब इस बयान के अलग-अलग सियासी मायने निकाल रहे हैं।