
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (36) पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई गोलीबारी के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कई दिनों से अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डेटा रिकॉर्ड की जांच में पता चला है कि तीन संदिग्ध 11 अक्टूबर को भी जुहू के फुटबॉल मैदान के पास पहुंचे थे। हालांकि, उस दिन टाइगर श्रॉफ खेलने नहीं आए, जिसके कारण कथित तौर पर हमले की उनकी कोशिश नाकाम रही। इसके बाद 18 अक्टूबर को मैदान के बाहर गोलीबारी की घटना हुई। इस मामले में तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से पकड़ा गया और मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और कॉल डेटा रिकॉर्ड से पता चला कि गोलीबारी में कथित तौर पर शामिल तीनों शूटर 11 अक्टूबर को भी जुहू के पुष्पा पार्क स्थित फुटबॉल मैदान के पास पहुंचे थे। वे वहां कुछ समय तक रुके रहे। पुलिस को संदेह है कि उनका मकसद उस दिन भी टाइगर श्रॉफ पर हमला करना था, लेकिन अभिनेता फुटबॉल खेलने नहीं पहुंचे।
टाइगर श्रॉफ के एक दोस्त ने बताया कि अभिनेता को फुटबॉल खेलना बेहद पसंद है। वह आमतौर पर हर रविवार शाम 5 से 7 बजे के बीच पुष्पा नरसी मैदान पर खेलने आते हैं। वह बहुत कम ही किसी रविवार को वहां नहीं जाते हैं। गोलीबारी वाले दिन 18 अक्टूबर को भी उनका दोस्त उनके साथ मौजूद था।
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को संदिग्ध शाम करीब 4:30 बजे मैदान के पास पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर उन्हें बार-बार गेट तक जाते और अंदर झांकते हुए देखा गया। पुलिस को संदेह है कि टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखने और शूटरों को जानकारी देने के लिए कुछ अन्य लोग भी वहां मौजूद हो सकते थे।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे जब टाइगर श्रॉफ मैदान से बाहर निकले, तब उन पर गोलीबारी की गई। पुलिस को आशंका है कि हमलावरों का निशाना टाइगर श्रॉफ और उनके ड्राइवर फिरदौस इब्राहिम बलोच थे। हालांकि, हमले के पीछे के मकसद और पूरी साजिश की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में मुंबई पुलिस को उस समय अहम सफलता मिली, जब तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, सोमवार को करीब 15 मिनट तक चले अभियान के बाद तीनों को पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे से हिरासत में लिया गया। ट्रेन सुबह 10:17 बजे कोटा स्टेशन पहुंची थी।
पकड़े गए आरोपियों में बिहार के बेगूसराय का रहने वाला रितिक उर्फ रोशन और हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला रेहान शामिल हैं। तीसरे आरोपी की पहचान उजागर नहीं की गई है।
कोटा पुलिस ने तीनों आरोपियों को मुंबई पुलिस की टीम के हवाले कर दिया। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। पुलिस को संदेह था कि आरोपी नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे।
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, आरोपी रेहान कथित तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सहयोगी माना जाता है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस गिरोह ने कथित तौर पर अभिनेता पर गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है।
हालांकि, पुलिस ने अब तक इस वारदात में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के संपर्कों, घटनास्थल पर उनकी गतिविधियों तथा हमले के पीछे संभावित मकसद की पड़ताल की जा रही है।
इस मामले के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई है। इसमें अमेरिका में रहने वाले और पानीपत से संबंध रखने वाले 32 वर्षीय अनिल पंडित की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। कथित ऑडियो में टाइगर श्रॉफ पर हमले को सलमान खान के साथ काम करने से जुड़ी चेतावनियों की अनदेखी से जोड़ने की बात कही गई है।
क्लिप में कथित तौर पर सलमान खान से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने की बात भी कही गई है। इसमें चेतावनी दी गई है कि ऐसा नहीं होने पर फिल्म जगत में सलमान खान के करीबी अन्य लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
हालांकि, इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता और गोलीबारी से उसके सीधे संबंध की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी के दौरान टाइगर श्रॉफ की कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की गई थी। अभिनेता इस हमले में सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस और मौके पर मौजूद एक राहगीर घायल हो गए। घटना के कुछ ही घंटों बाद वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल मुंबई के अंधेरी इलाके से बरामद की गई थी। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डेटा रिकॉर्ड, आरोपियों के आपसी संपर्क और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है।