
महाराष्ट्र के दो मंत्री चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) और शंभुराज देसाई (Shambhuraj Desai) आगामी 6 दिसंबर को कर्नाटक का दौरा करेंगे। इस दौरान ये दोनों मंत्री कर्नाटक के बेलगाम में मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। यहां वे दोनों राज्यों के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद पर बातचीत करेंगे। पहले के कार्यक्रम के मुताबिक, ये दोनों मंत्रियों को 3 दिसंबर को बेलगाम का दौरा करना था। चंद्रकांत पाटिल ने मराठी में एक ट्वीट कर कहा कि कुछ आंबेडकरवादी संगठनों ने डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनसे बेलगाम में उपस्थित रहने का आग्रह किया। इसलिए 3 दिसंबर के बजाय चंद्रकांत पाटिल और देशंभुराज साई 6 दिसंबर को बेलगाम में होंगे।
इस हफ्ते की शुरुआत में, चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि बेलगाम और कुछ अन्य सीमावर्ती इलाकों के महाराष्ट्र के साथ विलय के लिए मुहिम चला रहे संगठन मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा मुद्दे पर कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा करने की मांग की थी। यह भी पढ़े: पुणे में स्टाफ ने अपने ही मालिक पर किया जानलेवा हमला, सामने आई चौंकाने वाली वजह
बता दें कि शिंदे सरकार में मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इससे पहले मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति के एक लेटर के साथ ट्वीट किया था कि मैं और समन्वय मंत्री शंभुराज देसाई 3 दिसंबर को बेलगाम का दौरा करेंगे और चर्चा करेंगे। बातचीत से निश्चित रूप से कोई न कोई जरूर रास्ता निकलेगा।
एक सरकारी प्रस्ताव के मुताबिक, महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद पर अदालती मामले के संबंध में कानूनी टीम के साथ समन्वय के लिए चंद्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई को समन्वय मंत्री बनाया गया था। मंत्री महाराष्ट्र एकीकरण समिति के साथ समन्वय के लिए भी जिम्मेदार होंगे जो कर्नाटक में मराठी भाषी इलाकों का महाराष्ट्र के साथ विलय की मांग कर रही है।
बता दें कि चंद्रकांत पाटिल बीजेपी के दिग्गज नेता हैं, जबकि शंभुराज देसाई शिंदे गुट के सदस्य हैं। ये दोनों मंत्री पश्चिमी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। महाराष्ट्र, 1960 में अपनी स्थापना के बाद से कर्नाटक के साथ बेलगाम जिले और 80 अन्य मराठी भाषी गांवों को लेकर विवाद में उलझा हुआ है। बेलगाम और ये सभी इलाके कर्नाटक में हैं।