
NDA on Uddhav Thackeray: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के ‘भगवा पहचान’ और ‘सत्ता परिवर्तन’ से जुड़े बयानों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र के NDA नेताओं ने ठाकरे के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता इस तरह की बयानबाजी को स्वीकार नहीं करेगी।
उद्धव ठाकरे ने मुंबई के ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि वे सत्ता परिवर्तन के लिए मैदान में उतरे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जो सरकार जनता के हित में काम नहीं करती, उसे बदल दिया जाना चाहिए। भगवा पहचान के मुद्दे पर ठाकरे ने कहा कि भगवा हमारी पहचान है, कोई हमारी पहचान नहीं चुरा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि भगवा ध्वज केवल महाराष्ट्र विधानसभा ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सिंहासन पर भी फहराया जाना चाहिए।
बीजेपी विधायक राम कदम ने उद्धव ठाकरे के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि उनके संबोधन में ‘ऑपरेशन टाइगर 3’ का डर साफ दिखाई दे रहा था। कदम ने आरोप लगाया कि हिंदुत्व से दूर जाने को लेकर ठाकरे के मन में पछतावा है और इसी वजह से उन्होंने अपने भाषण में बार-बार भगवा तथा छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लिया।
राम कदम ने ठाकरे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने उमर खालिद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए ठाकरे की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए। कदम ने आरोप लगाया कि ठाकरे ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, जिनके बयानों और विचारों को लेकर विवाद रहा है। ये आरोप बीजेपी विधायक ने लगाए हैं।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ठाकरे ‘स्कार्फ वाले हिंदुत्व’ को स्वीकार नहीं करने की बात करते हैं, लेकिन 2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन करते समय उन्होंने ‘टोपी वाले हिंदुत्व’ को अपना लिया था। शाइना एनसी ने बालासाहेब ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा कि वे लोगों से गर्व के साथ हिंदू होने की बात कहने का आह्वान करते थे, जबकि उद्धव ठाकरे अब गर्व के साथ सत्ता परिवर्तन की बात करने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे की राजनीति को ‘फर्जी धर्मनिरपेक्षता’ करार दिया।
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक नागरिक और विपक्षी दल को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने, चुनाव लड़ने और अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने उद्धव ठाकरे द्वारा फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों से तुलना किए जाने पर आपत्ति जताई।
देवड़ा ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अराजकता और हिंसा फैलाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सत्ता परिवर्तन चाहता है, तो उसे चुनाव लड़कर और जनता का समर्थन हासिल करके ऐसा करना चाहिए। उनके मुताबिक, जनता के वोट के जरिए सत्ता बदलने की कोशिश की जानी चाहिए, न कि ऐसी बयानबाजी के माध्यम से।