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महाराष्ट्र में बड़ा उलटफेर! उद्धव की शिवसेना फिर टूटी, 6 बागी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को सौंपी चिट्ठी

Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT split: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल आया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है।

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Jun 17, 2026
Uddhav Thackery Shiv Sena split
उद्धव ठाकरे की शिवसेना में फिर हुई बगावत (Photo: ANI)

Shiv Sena Operation Tiger: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से छह लोक सभा सांसद बगावत की राह पर चल पड़े है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया है और अपना अलग समूह बनाने का फैसला किया है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर उन्हें अलग समूह के तौर पर मान्यता देने की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, शिवसेना (UBT) के नौ में से छह सांसदों ने आज सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने औपचारिक रूप से ठाकरे गुट से अलग होने और शिंदे गुट को अपना समर्थन देने का अनुरोध किया। इस पर स्पीकर की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने की खबर है।

इस बीच, लोक सभा में शिवसेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की है कि पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित अलग या बागी समूह को स्वतंत्र मान्यता, विशेषाधिकार या अलग दर्जा न दिया जाए। कोई भी फैसला लेने से पहले उनका पक्ष जरुर सुना जाये। इसके बाद, उद्धव गुट के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी स्पीकर से मुलाकात की।

स्पीकर से उद्धव सेना ने की मुलाकात, रखी ये मांग

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, "मैंने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि अभी तक किसी ने यह नहीं कहा है कि वह पार्टी छोड़ रहा है। यदि कोई उनके पास आता है तो संविधान और नियमों का पालन किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्तिगत या अलग समूह को मान्यता नहीं दी जा सकती, जब तक कि वह किसी अन्य समूह में विधिवत विलय न हो जाए।"

ओम बिरला से मुलाकात के बाद राज्य सभा सांसद संजय राउत ने कहा, "स्पीकर हमारे लिए एक इज्ज़तदार इंसान हैं। हम उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में नियम-कानून और संविधान का ध्यान रखा जाएगा।"

इस बीच, उद्धव ठाकरे गुट ने बागी सांसदों के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी छेड़ दी है। शिवसेना (यूबीटी) ने अपने सभी लोक सभा सांसदों की 18 जून को सुबह 11 बजे दिल्ली स्थित संसदीय दल कार्यालय में अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक के लिए पार्टी की ओर से आधिकारिक व्हिप भी जारी किया गया है। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी अवगत कराया गया है।

2022 के बाद फिर टूटी उद्धव सेना

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी। चुनाव आयोग ने शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न शिंदे गुट को सौंप दिया था, जबकि उद्धव ठाकरे की पार्टी को 'मशाल' चुनाव चिह्न और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) मिला था। अब लोक सभा सांसदों में संभावित बगावत को ठाकरे खेमे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

संजय राउत ने आरोप लगाया कि उनके सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है, जबकि एडवांस में 15-15 करोड़ रुपये दिए गए है। राउत ने बागी सांसदों को पार्टी छोड़ने से पहले इस्तीफा देने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि बागियों को इस्तीफा देकर फिर से जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ना चाहिए। वह शिवसेना (यूबीटी) के टिकट पर, धनुष-बाण चुनाव चिह्न पर और हमारे मतदाताओं के समर्थन से सांसद बने हैं। वें उद्धव ठाकरे के चेहरे पर जीते हैं।

Updated on:
17 Jun 2026 03:33 pm
Published on:
17 Jun 2026 02:38 pm