Vasai Virar Nalasopara Water Cut: वसई-विरार शहर में 4 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक चरणबद्ध तरीके से पानी की कटौती की जाएगी।
वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVCMC) के लाखों नागरिकों के लिए जरूरी खबर है। वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में सूर्या जल योजना के तहत मिलने वाले पानी की सप्लाई पर अस्थायी असर पड़ने वाला है। तकनीकी कार्यों के चलते 4 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में 24 घंटे का शटडाउन लिया जाएगा, जिससे कई इलाकों में पानी की किल्लत हो सकती है।
महानगरपालिका प्रशासन के अनुसार, एमएमआरडीए (MMRDA) द्वारा किए जा रहे तकनीकी कार्यों के कारण यह शटडाउन जरूरी है। इस दौरान शहर को मिलने वाले करीब 150 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) पानी की आपूर्ति प्रभावित होगी।
नतीजतन कई इलाकों में कम दबाव से पानी आएगा या सप्लाई पूरी तरह बंद रह सकती है।
नागरिकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने दिनवार शेड्यूल जारी किया है-
4 अप्रैल को विरार पूर्व और पश्चिम में
5 अप्रैल को नालासोपारा पूर्व और पश्चिम में
6 अप्रैल को नवघर, वसई में
7 अप्रैल को विरार पूर्व और पश्चिम में
8 अप्रैल को नालासोपारा पूर्व और पश्चिम में
9 अप्रैल को नवघर, वसई में
10 अप्रैल को विरार पश्चिम और नालासोपारा पश्चिम में
महानगरपालिका ने लोगों से अपील की है कि वे इस अवधि में पानी का सावधानी से उपयोग करें और पहले से जरूरी पानी का स्टॉक कर लें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
बता दें कि एमएमआरडीए ने 403 एमएलडी क्षमता वाली सूर्या क्षेत्रीय जल आपूर्ति योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य मीरा-भायंदर (Mira-Bhayander) और वसई-विरार नगर निगमों के साथ-साथ एमएमआरडीए की किराये की आवास परियोजनाओं तथा मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के पश्चिमी उपक्षेत्र के 27 गांवों को थोक जल आपूर्ति प्रदान करना है।
इसी बीच वसई-विरार महानगरपालिका को नया प्रशासनिक नेतृत्व भी मिला है। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को 2014 बैच के आईएएस अधिकारी और पुणे नगर निगम के अतिरिक्त नगर आयुक्त पृथ्वीराज बीपी को वसई-विरार महानगरपालिका का आयुक्त नियुक्त किया।
आईएएस पृथ्वीराज बीपी ने बुधवार को आयुक्त पद का कार्यभार संभाल लिया। वे पूर्व आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी के सेवानिवृत्त होने के बाद नियुक्त किए गए हैं। पदभार संभालते ही उन्होंने कहा कि उनका फोकस शहर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार, प्रशासन में पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा। साथ ही उन्होंने वसई-विरार को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर ‘ग्रोथ हब’ बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया है।