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Ladki Bahin Yojana: e-KYC के बाद लाखों महिलाएं योजना से बाहर, अब सिर्फ इन्हें मिलेगा पैसा

Maharashtra Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) की मार्च की किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए बड़ी खबर है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 01, 2026

Maharashtra Ladli Behna Yojana Updates

Ladki Bahin Yojna Update

Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जुलाई 2024 में शुरू की गई इस योजना की पिछले कई महीनों से चल रही ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी हो गई है। लाभार्थियों को 31 मार्च तक ई-केवाईसी करना अनिवार्य था।

72 लाख महिलाएं हुईं अपात्र?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस योजना के तहत लगभग ढाई करोड़ महिलाओं ने आवेदन किया था और उन्हें हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही थी। लेकिन आवेदनों की जांच और ई-केवाईसी के बाद करीब 72 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया है। अब राज्य सरकार लगभग 1 करोड़ 75 लाख महिलाओं को ही इस योजना का लाभ देगी। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

हर महीने 2600 करोड़ खर्च

महाराष्ट्र सरकार के लिए यह योजना आर्थिक रूप से भी काफी बड़ी रही है। जब सभी लाभार्थियों को पैसा दिया जा रहा था, तब इस योजना पर सालाना लगभग 46 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे। हालांकि अब जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपात्र लाभार्थियों का नाम कटने से सरकारी खजाने में करीब 15 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकेगी। यह बचत राज्य के बजट प्रबंधन के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladli Behen Scheme) भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के लिए गेमचेंजर साबित हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस योजना ने सरकार को न केवल राज्य की सत्ता में दोबारा आने में मदद की बल्कि मुंबई नगर निगम (BMC) समेत राज्य के कई नगर निकायों, जिला परिषदों और पंचायत चुनावों में भी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खास तौर पर महिला मतदाताओं के बीच इस योजना का असर स्पष्ट रूप से देखा गया, जिसने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया।

हालांकि इस योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फडणवीस सरकार ने सभी लाभार्थियों की जांच कराने का निर्णय लिया था। इसी के चलते पिछले 15 महीनों में व्यापक स्तर पर दस्तावेजों और पात्रता की जांच की गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लाभार्थियों को अपात्र पाया गया।

62 लाख लाडली बहनों का कटा नाम

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 में जब मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना शुरू हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 2.52 करोड़ थी। हालांकि, सरकारी जांच और छंटनी प्रक्रिया के बाद अब यह संख्या दो करोड़ से नीचे आ गई है।

लाडकी बहिन योजना का उद्देश्य 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। लाभार्थियों के आधार लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसे भेजे जाते है। इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

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