
Talathi Arrest Case: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले की राहुरी तहसील में आपदा पीड़ितों और पात्र लाभार्थियों के सरकारी अनुदान में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर का मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप में पिछले छह महीनों से फरार चल रही महिला तलाठी (ग्राम राजस्व अधिकारी) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई महिला तलाठी का नाम मंगल दुशिंगे बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, मंगल दुशिंगे माहेगाव में ग्राम राजस्व अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। आरोप है कि वर्ष 2022 से 2023 के बीच सहायता एवं पुनर्वास विभाग की ओर से दिए जाने वाले अनुदान के वितरण में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। जांच में 3 लाख 65 हजार 340 रुपये की राशि कथित तौर पर नियमों के खिलाफ जाकर वितरित की।
माहेगाव में ग्राम राजस्व अधिकारी के रूप में मंगल दुशिंगे के कार्यकाल के दौरान सहायता और अनुग्रह राशि के वितरण में अनियमितता की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई।
बताया जा रहा है कि समिति की जांच रिपोर्ट में वर्ष 2022 से 2023 के दौरान कुल 3,65,340 रुपये के सरकारी अनुदान के वितरण में नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी के आदेश और तत्कालीन तहसीलदार की ओर से मामला दर्ज करने की अनुमति दी गई। इसके बाद मंडल अधिकारी विजय बबनराव बेरड की शिकायत पर इसी साल अप्रैल में राहुरी पुलिस थाने में मंगल दुशिंगे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। हालांकि, करीब पांच महीने तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहीं।
आखिरकार मंगल दुशिंगे शनिवार को राहुरी पुलिस के सामने पेश हुईं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। करीब पांच महीने बाद हुई इस गिरफ्तारी के बाद सरकारी अनुदान वितरण में कथित गड़बड़ी की जांच में तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राशि का वितरण किन लाभार्थियों को और किन परिस्थितियों में किया गया तथा इसमें किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं।