प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक- दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) से संबंधित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में महाराष्ट्र के दो बिल्डरों अविनाश भोंसले और संजय छाबड़िया की 415 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अविनाश भोसले की 164 करोड़ रुपये की संपत्ति और संजय छबड़िया की 251 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
यस बैंक-डीएचएफएल धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईड़ी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईड़ी ने इस मामले में महाराष्ट्र के दो बिल्डर संजय छाबड़िया और अविनाश भोसले की संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी ने संजय छाबड़िया की 251 करोड़ और अविनाश भोसले की 164 करोड़ रुपये की संपत्ति (कुल संपत्ति 415 करोड़ रुपये) जब्त की है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधान के तहत की गई है. ईडी ने ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की है।
दोनों बिल्डरों को संघीय एजेंसी ने मामले की जांच के लिए इस साल जून में हिरासत में लिया था और अभी दोनों ही न्यायिक हिरासत में ही हैं। ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर यस बैंक के राणा कपूर और डीएचएफएल के कपिल वाधवान और धीरज वाधवान प्रमोटरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इन लोगों पर आरोप यह लगाया गया है कि राणा कपूर ने एम/एस डीएचएफएल के प्रमोटर डायरेक्टर कपिल वाधवान और अन्य के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी, ताकि यस बैंक लिमिटेड द्वारा एम/एस डीएचएफएल को वित्तीय सहायता दी जा सके। इसके बाद उन्हें और उनके परिवार के मेंबर्स को फायदा पहुंचाया गया था। यह भी पढ़ें: Mumbai News: साइकिल की टक्कर से अभिनेत्री सिमरन सचदेवा की मां हुई घायल, 9 साल के बच्चे पर केस हुआ दर्ज
बता दें कि ईडी और सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। दोनों केंद्रीय एजेंसियों ने दो बिल्डर (संजय छाबड़िया और अविनाश भोसले), यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल के प्रमोटर-निदेशक कपिल वधावन तथा धीरज वधावन के खिलाफ अलग-अलग मामला दर्ज किया है। इस मामले में कपिल वधावन तथा धीरज वधावन को ईडी ने मई में गिरफ्तार किया था, जबकि राणा कपूर को मार्च में हिरासत में लिया गया था। ये दोनों भी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी ने आरोप लगाया कि राणा कपूर ने यस बैंक लिमिटेड के जरिए से डीएचएफएल के थोड़े समय के लिए गैर-परिवर्तनीय ‘डिबेंचर' में 3,700 करोड़ रुपए और डीएचएफएल के ‘मसाला बॉन्ड' में 283 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट किया। हाल ही सीबीआई ने डीएचएफएल से संबंधित 34,615 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में पुणे में बिल्डर अविनाश भोसले के परिसर से अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर जब्त किया था। अविनाश भोसले पर आरोप है कि 2011 में वर्वा एविएशन ने 36 करोड़ रुपये में W109AP हेलीकॉप्टर खरीदा था। वर्वा एशिएन का मालिकाना हक एसोसिएशन ऑफ पर्संस के पास है।
बता दें कि ईडी ने आरोप लगाया कि राणा कपूर ने यस बैंक लिमिटेड के जरिए से डीएचएफएल के थोड़े समय के लिए गैर-परिवर्तनीय ‘डिबेंचर' में 3,700 करोड़ रुपए और डीएचएफएल के ‘मसाला बॉन्ड' में 283 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट किया। हाल ही सीबीआई ने डीएचएफएल से संबंधित 34,615 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में पुणे में बिल्डर अविनाश भोसले के परिसर से अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर जब्त किया था। अविनाश भोसले पर आरोप है कि 2011 में वर्वा एविएशन ने 36 करोड़ रुपये में हेलीकॉप्टर खरीदा लिया था। वहीं, एसोसिएशन ऑफ पर्संस के पास वर्वा एशिएन का मालिकाना हक है।