
Chhattisgarh News: रक्षाबंधन पर्व से ठीक 4 दिन पहले ही बिलासपुर के जायसवाल परिवार में मातम छा गया। यहां एक साथ तीन मासूम भाई बहनों की नदी में डूबने से मौत हो गई। बिलासपुर के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम समडील का यह मामला है। दो बहन और एक भाई की लाश घोंघा नदी से बरामद की। एक दिन पहले बहे तीन मासूमों में बाकी दो के शव सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिल गए। एनीकट के पास मिले ये दो शव 7 वर्षीय अनमोल जायसवाल और 8 वर्षीय शिक्षा जायसवाल के हैं। उनकी बहिन 9 वर्षीय स्तुति का शव एक दिन पहले ही बरामद किया जा चुका था।
पीडि़त परिवार के हर सदस्य का तो रो-रोकर बुरा हाल था। उल्लेखनीय है कि तीनों बच्चे एक ही परिवार के दो भाइयों के थे। अनमोल केजी-2 में, जबकि स्तुति और शिक्षा कक्षा तीसरी में पढ़ती थीं। तीनों बच्चों के शव घर पहुंचते ही समडील में चीख-पुकार मच गई। जिन बच्चों के सकुशल लौटने की उम्मीद में परिजन और ग्रामीण रातभर नदी किनारे डटे रहे, रविवार को उन्हीं के शव घर पहुंचे। हादसे से पूरा गांव गहरे सदमे में है।
एसडीआरएफ की टीम को दो शव तलाशने में 16 घंटे लगे। अनमोल का शव घटनास्थल से करीब 600 मीटर दूर पुल के नीचे मिला, जबकि शिक्षा का शव एनीकट क्षेत्र से बरामद किया गया। उल्लेखनीय है कि तीनों बच्चे शनिवार शाम करीब 4 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए थे।
गांव से करीब दो किलोमीटर दूर नयापारा स्थित डीपी विप्र स्कूल से साइकिल पर लौटते समय उन्होंने पुल के बजाय शॉर्टकट के लिए नदी पार करने का रास्ता चुना था। यह उनकी जान जाने का कारण बन गया। नदी के बीच पहुंचते ही तेज बहाव के कारण साइकिल का संतुलन बिगड़ा और तीनों बच्चे पानी की धार में बह गए।
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए और अपने स्तर पर बच्चों की तलाश शुरू कर दी। सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के बावजूद शनिवार रात तक खोज अभियान जारी रहा। इसी दौरान एसडीआरएफ ने स्तुति का शव बरामद कर लिया।