कई Insurance Companies ने डॉक्युमेंट जमा करने और Policy Reniew करने के लिए दी हुई Mobile App की सुविधा Companies की Website पर जाकर अलग से दिया गया है सेक्शन, आसान स्टेप के थ्रू कर सकते हैं काम
नई दिल्ली। पूरी दुनिया कोरोना महामारी की मार झेल रही है। इस मुश्किल घड़ी में आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस टेक्नॉलिजी सभी मुसीबतों का साथी बनकर उभरा है। हेल्थ अथॉरिटीज ने इस वायरस से बचने के लिए लोकल और नेशनल लेवल पर अभियान चलाया हुआ है। ये वायरस 150 से भी ज्यादा देशों में फैल चुका है। लेकिन एआई टेक्नॉलिजी के कारण लोगों को इसके प्रति जागरुक किया जा रहा है। आइए आपको भी बताते हैं कि टेक्नोलॉती इस महामरी में किस तरह से आम लोगों की मदद कर रही है।
एआई इस मिशन में कैसे मददगार है
आईसीआईसीआई लोबांर्ड जनरल इंश्योरेंस में क्लेम्स व अंडरराइटिंग और रिइंश्योरेंस के चीफ संजय दत्ता के अनुसार कोरोनो वायरस के खतरे को कम करने के लिए सार्वजनिक हित में जारी किए गए किए कई सामान्य परामर्शों में सोशल डिस्टेसिंग समेत कुछ और उपाय बताए गए हैं। हालांकि, कुछ ऐसी स्थितियां बताई गई है, जिसका पालन पूरी तरह से संभव नहीं हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आपको अपनी लैप्स हो चुकी पॉलिसी को रिन्यु करना है या फिर उसके लिए क्लेम करना है। तो आपको बीमाकर्ता के ऑफिस जाना पड़ेगा, लेकिन इस दौर में ट्रैवलिंग एक रिस्की काम है। यहां टेकनॉलिजी आपकी मदद करेगा। कुछ कंपनियों ने इसके लिए मोबाइल सेल्फ इंस्पेक्शन की सुविधा शुरु की है। जिससे आप बिना बीमाकर्ता के दफ्तर गए अपना क्लेम कर सकते हैं।
मोबाइल ऐप भी हैं तैयार
संजय दत्ता ने कहा कि बहुत सारे बीमाकर्ताओं ने इसके लिए एप बनाए हैं, जिसके जरिए आप अपने डॉक्युमेंट अपलोड करके भेज सकते हैं। टेक्नॉलिजी की मदद से आप बिना कार्यालय गए अपने सारे काम घर बैठे बिना झंझट के कर सकते हैं। ऑलनाइन प्रोसेस बिल्कुल आसान तरीका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आपके काम जल्दी और तेज गति से हो जाते हैं। जिससे आम लोग कोरोना वायरस से अपने आपको और अपने परिवार को आसानी से बचा सकते हैं।
स्वास्थय सेवाओं में भी हस्तेक्षप
संजय दत्ता की की मानें तो अब केवल मोटर बीमा में ही नहीं बल्कि स्वास्थय सेवाओं में भी टेक्नॉलिजी अहम रोल अदा कर रही है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस से घंटों का काम मिनटों में हो रहा है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि क्लेम सेंटलमेंट एक जटिल पक्रिया है, जिसमें कई बार बीमाकर्ता के दफ्तर, थर्ड पार्टी (टीपीए) के यहां जाना, यहां तक की डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। एआई ने अब काफी चीजों को आसान बना दिया है। एआइ बेस्ड काम होने से अब बेहद कम समय में बिना द्फ्तरों के चक्कर लगाए सारे काम आसानी से हो जाते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए अब क्लेंम सेटमेंट हाथों हाथ हो रहा है।