
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ( Reserve Bank of India Governor Shaktikant Das ) की ओर से रेपो रेट में कटौती ( Repo Rate Cut ) छोटी कंपनियों और कर्ज लेने वाले लोगों को तो बड़ी राहत दी है, लेकिन इस फैसले से निवेशकों को बड़ा झटका लग सकता है। रेपो रेट में कटौती से बैंक अपनी फिक्स्ड डिपोजिट ( Fixed Deposit ) की ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं। जिसका असर निवेशकों की कमाई पर पड़ सकता है, जो उन्हें ब्याज के रूप में होती है। जानकारों की मानें तो बैंक लोन ( Bank Loan ) की ब्याज दरों पर अपना मार्जिन कम कर सकते हैं। जिसकी वजह से कर्ज़ की दरों में भी कमी आ सकती है।
निवेशकों की कमाई पर होगा असर
जानकारों की मानें तो आरबीआई के फैसले से बैंक डिपॉजिट की दरों में कटौती देखने को मिल सकती है। इकोनॉमी में एक्स्ट्रा लिक्विडिटी से ब्याज दरों पर दबाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर में 0.25 से 0.50 फीसदी कटौती देखने को मिल सकती है।
इससे पहले भी कम हो चुकी है ब्याज दरें
मार्च के आखिरी सप्ताह में जब आरबीआई की ओर से रेपो दरों में 0.75 फीसदी की कटौती की थी तब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बड़े बैंकों की ओर से एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की थी। जानकारी के अनुसार इसी महीने की 12 तारीख को एसबीआई की ओर से 3 साल की एफडी की ब्याज दरों में 0.20 फीसदी की कटौती की थी। बैंक की ओर से 3 साल से 10 साल की समयसीमा की एफडी की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था।
दूसरे विकल्पों के बारे में सोचें निवेशक
एफडी जैसी निवेश योजनाओं पर लगातार ब्याज दरों में कटौती निवेशकों के लिहाज से ठीक नहीं है। इससे निवेशकों की कमाई पर गहरा असर देखने को मिलता है। निवेशकों को ऐसे विकल्पों के बारे में भी सोचना चाहिए जहां ज्यादा मुनाफा हो। वैसे एफडी जैसी निवेश योजनाएं काफी सुरक्षित मानी जाती हैं, ऐसे में इस बारे में भी सोच लेना चाहिए कि वो जोखिम लेने की सक्षम है भी या नहीं।