Highlights: -13 और 14 अक्टूबर को रामपुर जिले को छोड़कर पूरे प्रदेश में मंडल अध्यक्षों के चुनाव होने हैं -भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में युवाओं को तरजीह मिल रही है -मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी को पूरा जोर पचास साल से कम उम्र को नेताओं को जिम्मेदारी देने पर है
मेरठ। उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी है। वहीं इस बार रामपुर विधानसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। कारण, ये सीट रामपुर से सांसद आजम खान के कब्जे में रही है। वहीं इस बार सपा ने आजम खान की पत्नी व राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा को प्रत्याशी बनाया है। इस सबके बीच अब भाजपा के युवा नेताओं को लेकर बड़ी खबर आई है। कारण, पार्टी अपने ऊर्जावान युवा नेताओं को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है।
दरअसल, 13 और 14 अक्टूबर को रामपुर जिले को छोड़कर पूरे प्रदेश में मंडल अध्यक्षों के चुनाव होने हैं। वहीं भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में युवाओं को मिल रही तरजीह से साफ है कि मंडल स्तर से बुजुर्ग नेता मार्गदर्शन मंडल में चले जांएगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी को पूरा जोर पचास साल से कम उम्र को नेताओं को मंडल अध्यक्ष बनाने और संगठन में नए ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने पर है।
इस बाबत वेस्ट यूपी के भाजपा प्रवक्ता गजेंद्र शर्मा की मानें तो पचास साल की आयु तक के कार्यकर्ताओं को ही मंडल अध्यक्ष बनाया जा रहा है। जो कार्यकर्ता दो बार मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं, वह भी आवेदन प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। साथ ही आवेदक का दो बार सक्रिय सदस्य रहना भी अनिवार्य होगा। ये बदलाव युवाओं को जिम्मेदारी देने के लिए किया गया है।