हिंदू-मुस्लिम समुदाय में टकराव के बाद पुरबालियान गांव में तनावपूर्ण शांति। पीएसी तैनात। 12 लोग गिरफ्तार।
मुजफ्फरनगर। जिले के पुरबालियान गांव में 21 अगस्त को दो बच्चों में खेल को लेकर हुए मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया था, जिसके बाद दो समुदाय आमने-सामने आ गए और विशेष समुदाय के दर्जनों लोगों ने एक घर पर धावा बोलकर परिवार के सभी लोगों के साथ मारपीट करते हुए जमकर विवाद किया था। फिलहाल गांव में भारी फोर्स के साथ पीएसी तैनात है। शनिवार को भाजपा सांसद संजीव बालियान पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और सांत्वना देते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही और आगे से इस तरह की घटना क्षेत्र में न होने देने का आश्वाशन पीड़ित परिवार को दिया। वहीं पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं गांव में तनाव पूर्ण शान्ति है ।
दरअसल मामला मंसुरपुर थाना क्षेत्र के गांव पुरबालियान का है, जहां 21 अगस्त को दो बच्चों में खेल को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि मुस्लिम समुदाय के दर्जनों लोगों ने आकर हिन्दू समुदाय के एक परिवार पर हमला करते हुए जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। पीड़ित परिवार के मुखिया बालकिशोर ने पुलिस को सूचना दी तो गांव में पुलिस पहुंची और पीड़ित परिवार की तहरीर पर 12 नामजद व 20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक 24 अगस्त को फिर मुस्लिम समुदाय के दर्जनों लोग बालकिशोर के घर पर आकर बालकिशोर के लड़कों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। गनीमत यह रही कि जिस समय वो लोग बालकिशोर के परिवार के साथ मारपीट कर रहे थे तो पुलिस गांव में ही मौजूद थी और पुलिस ने जाकर मारपीट को रोका। इसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि गांव में पीएसी की दो कम्पनी तैनात करनी पड़ी। अब गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। घटना का पता लगते ही क्षेत्रीय भाजपा सांसद संजीव बालियान शनिवार को गांव में पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी। साथ ही अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ रासुका लगाने की मांग की।
वहीं संजीव बालियान ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि पिछली बार 2013 में भी पुरबालियान गांव के कारण ही दंगा हुआ था। आरोप सब पर लगते हैं। हम पर भी लगे थे, लेकिन असली जड़ पुरबालियान में हुई चार हत्याएं थीं, जिनके बाद मुजफ्फरनगर दंगा भड़का था। अगर उस समय समाजवादी पार्टी की सरकार न होकर कोई और सरकार होती और उचित कार्रवाई होती तो आज हमें ये दिन नहीं देखना पड़ता। आज जो ये घटना हुई अब ऐसी कार्रवाई होगी कि आज के बाद इस तरह की घटना करने का कोई साहस नहीं कर पाएगा।