सरकार के आदेश पर कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचे कमिश्नर चंद्र प्रकाश त्रिपाठी
मुजफ्फरनगर. अगले माह से शुरू होने वाली उत्तर भारत की सबसे लंबी धार्मिक यात्रा यानी कांवड़ यात्रा को लेकर योगी सरकार के आदेश के बाद प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। कांवड़ मार्ग को दुरुस्त करने के उद्देश्य से मंडलायुक्त चंद्र प्रकाश त्रिपाठी मुजफ्फरनगर पहुंचे। जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद बताया कि कावड़ यात्रा से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी। आपको बता दें कि पिछले कई सालों से चौधरी चरण सिंह कांवड़ नहर मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिसमें नहर के किनारे खड़े हरे पेड़ इस निर्माण कार्य में बाधक बने हुए थे, जिन्हें लेकर प्रशासन गंभीर है कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले अधिकारी चाहते हैं कि रोड के किनारे पेड़ कट जाएं और वहां से उनको उठा भी लिया जाए, ताकि कांवड़ यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
दरअसल, अगले माह से उत्तर भारत की सबसे लंबी धार्मिक यात्रा शुरू होने जा रही है। इस कावड़ यात्रा में भगवान शिव के लाखों भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान आदि को अपने गंतव्य स्थान की ओर निकल पड़ते हैं। इसको देखते हुए हरिद्वार से लेकर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर और मेरठ आदि जिलों में भारी संख्या में कावड़ियों के निकलने को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर तमाम तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। वहीं मुजफ्फरनगर की बात करें तो यहां हरिद्वार से चलकर सबसे ज्यादा कांवड़ यात्री अपने गंतव्य की ओर निकलते हैं। इसके चलते एनएच-58 और मंगलोर से मुरादनगर के बीच चौधरी चरण सिंह कांवड़ नहर पटरी मार्ग को पूरी तरह से अलग रखा जाता है।
बता दें कि पिछले कई सालों से चौधरी चरण सिंह कांवड़ नहर पटरी का चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, जिसमें नहर के किनारे खड़े हरे पेड़ मार्ग के निर्माण में बाधा बने हुए हैं। सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी ने इसको लेकर मुजफ्फरनगर में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही कांवड़ यात्रा की तैयारियों का भी जायजा लिया। वार्ता के दौरान समस्या का समाधान कर दिया गया है। उम्मीद है कि 30 तारीख तक जो टारगेट सरकार ने दिया है वह पूरा कर लिया जाएगा। समीक्षा बैठक में डीएम और एसएसपी के अलावा वन विभाग और पीडब्ल्यूडी के लोग मौजूद रहे।