Congress state president stopped by barricading मुजफ्फरनगर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के काफिले को उस समय रोक दिया गया। जब जिंदा जलाकर मारे गए युवक के परिजनों से मिलने के लिए जा रहे थे। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा।
Congress state president stopped by barricading मुजफ्फरनगर में मृतक परिजनों से थे मिलने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने रोक दिया। इस मौके पर कांग्रेसियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि मुजफ्फरनगर में एक युवक को जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। मृतक परिजन पुलिस वालों पर आरोप लगा रहे हैं कि निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। दुख बांटने और संवेदना प्रकट करने के लिए जा रहे लोगों को रोका जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने तानाशाह रवइया अपनाये है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बीते 5 जनवरी को सोनू कश्यप की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। मृतक परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जा रहे थे। मुजफ्फरनगर घुसने के पहले ही खतौली में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदेश अध्यक्ष के काफिले को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेसियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि पुलिस मृतक परिजनों के साथ दुख भी नहीं बांटने दे रही है और तानाशाही रवैया अपना रही है। यह सब सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। जिसकी वह निंदा करते हैं। ऐसा कभी किसी सरकार में नहीं हुआ है कि मृतक परिजनों से मिलने से रोका जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ के कपसाड़़ और मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने केवल इसलिए धारा 144 लगा दी जिससे कि कोई पीड़ित परिवार से मिल ना सके।
दरअसल सरधना के कपसाड़ में मां की हत्या कर बेटी का अपहरण कर लिया गया था। जबकि सरधना के ही ज्वालागढ़ में रोहित उर्फ सोनू कश्यप निवासी मुजफ्फरनगर की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। अजय राय ने बताया कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों पर सरकार अंकुश नहीं लगा पा रही है और उन्हें संवेदना प्रकट करने से रोका जा रहा है। इसके पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का शिवाय टोल पर जिलाध्यक्ष गौरव भाटी के नेतृत्व में स्वागत किया गया।
अजय राय ने बताया कि उन्हें मिलने के लिए जाने नहीं दिया गया। कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उनकी मृतक की बहन से बातचीत हुई है। उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इसके साथ ही परिवार के भरण पोषण के लिए 50 लाख रुपए और सरकारी नौकरी की भी मांग की गई है। मृतक परिजन सुरक्षा की भी मांग कर रहे हैं।