विहिप नेत्री साध्वी प्राची का एक और विवादित बयान
मुजफ्फरनगर. अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाली विहिप नेत्री साध्वी प्राची ने इस बार सोनिया गांधी पर विवादित टिप्पणी कर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। दरअसल, साध्वी प्राची सोमवार को मुजफ्फरनगर नगर पहुंची थीं। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुगलई टोपी पहनने को कहने वाले कांग्रेसियों खूब खरी-खोटी सुनाई। साध्वी प्राची ने इस दौरान कहा कि कांग्रेसी नेता बार-बार पीएम मोदी और सीएम योगी को टोपी पहनने की बात कहते हैं। उन्होंने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा कहने वाले पहले 2019 में सोनिया गांधी को बुर्का पहना कर लाएं।
साध्वी प्राची ने सोनिया गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री मेरे बड़े भाई योगी पर बड़ा दबाव आता है कि वह मुगलई टोपी पहनें। पहले तो में ये पूछना चाहती हूं कि शशि थरूर, दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी बार-बार चिलाते हैं कि वे टोपी नहीं पहनते हैं। बहुत चिल्लाते हैं और बार-बार कहते हैं कि मोदी जी टोपी नहीं लगाते है योगी जी टोपी नहीं लगाते हैं। वे टोपी नहीं लगाएंगे। अगर तुम्हारे अंदर हिम्मत है तो आओ 2019 में सोनिया गांधी जी को बुर्का पहनाकर लाओ। तुम्हारा मुंह खुद ब खुद काला हो जाएगा।
एसओ को दी चेतावनी
इससे पहले साध्वी प्राची मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी का हाल जानने पहुंची। इस दौरान उन्होंने पुलिस अफसरों और स्वास्थ्य मंत्री से भी फोन पर आरोपी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बता दें कि मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को कर्मचारी नेता विपिन त्यागी और दूसरे गुट के कर्मचारी नेता रविशंकर शर्मा से विवाद के बाद मारपीट हो गई थी। आरोप है कि मौके पर पहुंचे सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी पर विपिन त्यागी ने समर्थकों के साथ हमला बोल दिया था। इसमें सीएमएस को गंभीर चोटें आईं थीं। पुलिस ने विपिन त्यागी की तहरीर पर सीएमएस समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं अजित चौधरी की तहरीर पर विपिन त्यागी समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि अजित चौधरी पर दर्ज केस खत्म होगा, जांच में विपिन द्वारा लगाए गए आरोप फर्जी पाए गए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि या तो पुलिस आरोपी विपिन त्यागी और अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार करें नहीं तो वह पुलिस प्रशासन को दिखा देंगी कि कैसे थाना चलाया जाता है। अपनी सरकार में सार्वजनिक स्थल पर अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसओ मेडिकल सतीश कुमार से कहा कि समझ लें, सरकार भाजपा की है।