
बेसहारा हिंदू महिला का मुस्लिमों ने किया अंतिम संस्कार, पेश की अनोखी मिसाल
लखनऊ. राजधानी के ठाकुरगंज इलाके में उस वक्त हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली, जब मोहल्ले के मुस्लिम युवाओं ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार एक हिंदू महिला का अंतिम संस्कार किया। इतना ही नहीं इंसानियत का धर्म निभाने वाले इन युवाओं ने मृतक महिला के बेसहारा बच्चों की परवरिश के लिये चंदा जुटाकर रकम भी जमा की।
ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के गढ़ी पीर खां इलाके में राजकुमारी नाम की महिला अपने दो छोटे-छोटे बच्चों संग किराये के मकान में रहती थी। वर्षों से पति के लापता रहने के कारण वह लोगों के घरों में चौका-बर्तन कर अपना और बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। गुरुवार को अचानक उसकी तबियत काफी खराब हो गई, जिसे राजधानी के केजीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार को उसकी मौत गई। मोहल्ले के कुछ मुस्लिम युवाओं ने अन्य लोगों के साथ जाति-धर्म की दीवार तोड़कर इंसानियत का धर्म निभाया। ये लोग अस्पताल से महिला का शव लेकर आये और फिर अगले दिन हिंदू धर्म के मुताबिक, महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।
जाति-धर्म की बंदिशें तोड़ निभाया इंसानियत का धर्म
गढ़ी पीर खां वार्ड से पार्षद अल्ला प्यारे के मुताबिक, मृतक महिला की मौत के बाद उसके परिवार में सिर्फ दो छोटे-छोटे बच्चे थे। ऐसे में उसके अंतिम संस्कार के साथ ही बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया। जाति-धर्म से ऊपर उठकर मोहल्ले के लोगों ने इंसानियत के धर्म को निभाने का फैसला लिया। हिंदू-मुस्लिम युवाओं ने मिलकर महिला के अंतिम संस्कार की तैयारी की और फिर हिंदू धर्म के मुताबिक उसका अंतिम संस्कार कर दिया। फिर इन्हीं युवाओं ने मासूम बच्चों की परवरिश के लिये मोहल्ले के लोगों से चंदा भी इकट्ठा किया। इसके अलावा मोहल्ले के ही बहुत से लोगों ने मासूम बच्चों की मदद का आश्वासन दिया है। पार्षद ने बताया कि बच्चों की परवरिश के लिये जो लोग मदद करेंगे, उस धनराशि को बच्चों का अकाउंट खुलवाकर जमा कराया जाएगा।
Updated on:
12 Aug 2018 04:10 pm
Published on:
12 Aug 2018 04:07 pm
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