मुजफ्फरनगर

भगवा टोल पर गरमाई राजनीति, योगीराज में भाजपा नेताओं पर केस दर्ज होते ही बढ़ा विवाद

भाजपाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भाजपा के शीर्ष नेता भी इस विवाद में कूदे

2 min read
Feature image

मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर रोहाना में बना भगवा टोल प्लाजा विवादित हो चला है, जिस पर टोल देने को लेकर टोल कर्मियों और आसपास के लोगों में आए दिन धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। यहां 2 दिन पहले ही क्षेत्र के कुछ नेता और टोल कर्मियों के बीच मारपीट होने के बाद दो भाजपा नेताओं सहित 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भाजपा के शीर्ष नेता भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। इसे लेकर शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन के साथ भाजपा के बड़े नेता और टोल कर्मियों के बीच एक बैठक हुई।

दरअसल, मुजफ्फरनगर-देवबंद-सहारनपुर स्टेट हाईवे-59 पर रोहाना में बना टोल प्लाजा विवाद का कारण बन गया है। टोल प्लाजा भगवा रंग में रंगे जाने के बाद चर्चाओं में आया था। उसके बाद इस पर पिछले महीने एप्को कंपनी ने टोल वसूलना प्रारंभ किया तो क्षेत्र के लोगों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी। टोल के टैरिफ को लेकर टोल कर्मियों व आसपास के गांव के वाहन स्वामियों के बीच नोक-झोंक मारपीट और कहासुनी जैसी घटनाएं सामने आने लगी और ये मामले इतने बढ़े कि 2 दिन पहले क्षेत्र के दो भाजपा कार्यकर्ताओं को नामजद करते हुए 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद क्षेत्र के लोगों ने 8 जुलाई को टोल पर धरना देने का ऐलान कर दिया।

मामला क्षेत्रीय सांसद व क्षेत्रीय विधायकों के दरबार में पहुंचा तो सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने अगुवाई करते हुए कलेक्ट्रेट में टोल कर्मियों के साथ क्षेत्र के मौजिज लोगों को बुलवाकर एक बैठक की। इस दौरान जिलाधिकारी राजीव शर्मा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, पुरकाजी विधानसभा से भाजपा विधायक प्रमोद ऊंटवाल, देवबंद विधायक कुंवर बृजेश सहित क्षेत्र के 2 दर्जन से भी ज्यादा लोगों के साथ एप्को कंपनी के अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने अपनी समस्याएं सबके सामने रखी तो वहीं टोल प्लाजा के अधिकारियों ने भी कानून का हवाला देकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया। मगर सांसद संजीव बालियान ने शासनादेश आने तक क्षेत्र के लोगों को 15 रुपये प्रति वाहन की दर से टोल देकर निकलने को कह दिया, जिस पर सबकी सहमति बन गई। वहीं ग्रामीण अभी भी क्षेत्र के 4 गांव का टोल फ्री कराने की मांग कर रहे हैं।

Published on:
08 Jul 2018 09:10 am
Also Read
View All
मौत बनकर दौड़ा ट्रक: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भीषण एक्सीडेंट, मासूम बच्चे समेत 3 की मौत से मचा कोहराम

‘काफिर का मतलब शत्रु’, प्रवीण तोगड़िया बोले- हिंदू खतरे में है, गाजियाबाद की घटना से सबक लेना जरूरी

मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में इलाज के बदले मांगे गए ₹25000, पैसे नहीं देने पर डॉक्टर ने तोड़ा पैर, जांच का आदेश

भटक रही मां, रो रही मासूम! ₹8000 में जोड़ी थी हड्डी, बाकी पैसों के लिए सरकारी डॉक्टर ने पार की बेरहमी की सारी हदें

रॉकी की हत्या कर सिर नहर में फेंका, धड़ खेत में दबाया, मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में गिरफ्तार मोंटी का कबूलनामा