इंसाफ के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही गैंगरेप पीड़िता
मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश में भले ही योगी सरकार महिला सुरक्षा के लाख दावे कर रही हो, लेकिन इसके बावजूद महिला उत्पीड़न से जुड़ी अनेक घटनाएं सामने आ रही हैं। मुजफ्फरनगर में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर यूपी पुलिस पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। दरअसल, यहां पिछले 9 माह से एक गैंगरेप पीड़िता न्याय के लिए अधिकारियों के ऑफिस के चक्कर काट रही है, लेकीन पुलिस के सिर पर जू तक नही रेंग रही है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने घटना के बाद मुकदमा तो दर्ज कर लिया था, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई है।
दरअसल मामला बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। जहां पीड़ित महिला की शादी करीब 3 वर्ष पूर्व गढ़ी जिंझोर थाना गन्नौर जिला सोनीपत निवासी बाबर से हुई थी। महिला का आरोप है उसका देवर अंसार, जेठ जाबिर और साथ ही घर मे काम करने वाला एक युवक सोनू 2 वर्ष तक उसे बंधक बनाकर गैंगरेप करते आ रहे थे आैर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देते थे। लगातार यौन शोषण से परेशान होकर एक दिन पीड़िता ने अपने परिजनों को फोन पर सारा वाक्या बताया, जिस पर परिजनों ने वहां पहुंचकर बड़ी मुश्किल से पीड़िता को अपने साथ घर ले आए। आरोप ये भी है कि 9 महीने पहले परिजनों ने थाना बुढ़ाना में लिखित तहरीर दी थी, जिस पर पुलिस ने आर्इपीसी की धारा 376 डी, 323 और 506 में मुकदमा तो दर्ज कर लिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवार्इ नहीं की है आैर न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
पीड़िता अपने परिवार के साथ लगातार 9 महीनों से अधिकारियों से कार्रवार्इ की मांग करते हुए दर-दर की ठोकरें खा रही है। शुक्रवार को भी पीड़िता अपने परिजनों और एक सामाजिक संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची। यहां उसने एसपी देहात आलोक शर्मा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई, जिस पर एसपी देहात आलोक शर्मा ने जल्द ही कार्रवार्इ का पीड़िता को आश्वासन देकर मामले के जांच सीओ बुढ़ाना को सौंप दी है।