साध्वी प्राची ने प्रेमानंद जी महाराज और साध्वी ऋतंभरा का लड़कियों पर दिए बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि 4-4 बॉयफ्रेंड रखने वाली लड़कियां कभी घर नहीं बसा सकतीं। हमारी संस्कृति में तो महिलाएं पति को परमेश्वर मानती हैं।
"प्रेमानंद जी महाराज और दीदी मां ऋतंभरा ने जो कहा, वह सही है। इसमें विरोध करने जैसी कोई बात नहीं है। अगर कोई लड़की चार-पांच बॉयफ्रेंड रखेगी, तो आगे चलकर उसका वैवाहिक जीवन सही नहीं चल पाएगा। हमारी संस्कृति में पति को परमेश्वर के समान माना गया है। मेरठ की घटना सबने देखी, जिसमें एक महिला ने अपने पति के टुकड़े करके ड्रम में छुपा दिया। गैर मर्दों के चक्कर में पत्नियों ने अपने ही पति को मौत के घाट उतारा। मुस्कान और रघुवंशी जैसे मामलों में भी यही दिखता है कि कई बॉयफ्रेंड रखने की सोच का बुरा नतीजा होता है।" ये बातें साध्वी प्राची ने मुजफ्फरनगर में कहीं।
मुजफ्फरनगर में शिवमूर्ति मंदिर में दर्शन के बाद साध्वी प्राची ने आजकल की लड़कियों के चरित्र, सोशल मीडिया और तथाकथित धर्मांतरण मामलों पर बात की। उन्होंने कहा,"सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ लड़कियों ने इंस्टाग्राम पर अश्लील वीडियो बनाकर अपलोड किए, ताकि वे पैसा कमा सकें। हाईवे पर बनाई गई इन रील्स पूरी दुनिया ने देखी। यह हमारी संस्कृति और आस्था दोनों का अपमान है। ऐसी हरकतें शर्मनाक हैं और यह खुलेआम अश्लीलता फैलाने जैसा है। सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर इस तरह की अश्लील चीजें तेजी से बढ़ रही हैं। कुछ लड़कियां सिर्फ पैसे के लालच में ऐसा कंटेंट बना रही हैं, जो समाज पर बुरा असर डाल रहा है। अगर हमें अपनी बेटियों को इस बुराई से बचाना है, तो माता-पिता को चाहिए कि वे अपनी बच्चियों को सोशल मीडिया से दूर रखें या उसके सही इस्तेमाल के लिए मार्गदर्शन दें।
साध्वी प्राची ने धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपों में घिरे छांगुर बाबा पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छांगुर को फांसी पर लटका देना चाहिए। इस तरह के लोगों को देशद्रोही घोषित कर देना चाहिए, जिन्होंने हिंदुओं का खाकर, हिंदुस्तान की धरती पर रहते हुए धर्म परिवर्तन कराया।यूपी में भाजपा की सरकार होने की वजह से छांगुर जैसे बाबा का सच सामने आ रहा है। अभी ऐसे और भी निकलेंगे। इनको कठोर से कठोर सजा देनी चाहिए।
इससे पहले साध्वी प्राची ने शाहजहांपुर में मदरसों को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मदरसे धार्मिक शिक्षा के केंद्र के नाम पर आतंकवाद की फैक्ट्री हैं। बच्चों को यहां ट्रेनिंग दी जाती है। कुरान की शिक्षा की नहीं, धर्मांतरण की।